UAE में बैंक अकाउंट रेंट पर देना पड़ेगा भारी, शारजाह प्रशासन ने मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर जारी की कड़ी चेतावनी

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में रहने वाले प्रवासियों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर सामने आ रही है। शारजाह पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने वहां के सभी रहवासियों को बैंक खाते किराए पर देने, एटीएम कार्ड, पिन या मोबाइल बैंकिंग की जानकारी दूसरों के साथ साझा करने को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर आपके बैंक खाते से किसी भी तरह का अवैध पैसा इधर-उधर होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर आप जिम्मेदार माने जाएंगे और आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर मामला दर्ज किया जा सकता है।
क्या है बैंक अकाउंट रेंटिंग का नया खतरा
अधिकारियों के मुताबिक आजकल अपराधी डिजिटल बैंकिंग, सोशल मीडिया, जाली बिलों और फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल करके काले धन को छुपाने का गंदा खेल खेल रहे हैं। नए आने वाले प्रवासी, जो हाल ही में यूएई आए हैं, नई नौकरी पर लगे हैं या जिन्होंने अभी-अभी नया बैंक खाता खोला है, उन्हें खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है। स्कैमर्स लोगों को आसान कमाई और कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं। कुछ मामलों में लोगों ने कई सारे बैंक खाते खोलकर उनका एक्सेस इन आपराधिक नेटवर्क को सौंप दिया है, जिससे धोखाधड़ी के पैसों को ठिकाने लगाने में आसानी होती है।
कानून की नजर में नहीं है कोई छूट
शारजाह पब्लिक प्रोसिक्यूशन के डॉक्टर अब्दुल्ला मोहम्मद अल अली ने शारजाह टीवी के प्रोग्राम 'क़ादिया लिल हिवार' में बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि यूएई के कानून में बैंक खाता किराए पर देने जैसी किसी भी चीज की कोई जगह नहीं है। खाताधारक को अपने खाते में होने वाले हर एक ट्रांजैक्शन की पूरी जिम्मेदारी खुद लेनी होगी, भले ही वह लेनदेन उसने खुद किया हो या किसी और ने। बैंक खाताधारक पर पूरी कानूनी कार्रवाई की जाती है। हालांकि कानूनी रूप से पावर ऑफ अट्रॉनी मान्य होती है, लेकिन इसके लिए बैंक के तय नियमों और औपचारिक दस्तावेजों का होना बेहद जरूरी है। बिना किसी निगरानी के पासवर्ड, ओटीपी और बैंक ऐप्स दूसरों के साथ शेयर करना सीधे तौर पर अपराध को बढ़ावा देना है।
साउथ एशियाई प्रवासी हो रहे हैं ज्यादा शिकार
यूएई के सेंट्रल बैंक की साल 2026 की समीक्षा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मनी मूस यानी अवैध तरीके से पैसे ट्रांसफर कराने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस तरह के खतरों का शिकार सबसे ज्यादा दक्षिण एशिया के कामगार हो रहे हैं, जिसमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और फिलीपींस के लोग शामिल हैं। इन लोगों को व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम, फेसबुक मार्केटप्लेस या नौकरी देने वाले ग्रुप्स के जरिए फंसाया जाता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति अपनी निजी जानकारी, सिम कार्ड का एक्सेस या चेकबुक किसी के साथ भी शेयर न करे।
कारोबारी भी रहें पूरी तरह सतर्क
सिर्फ आम लोग ही नहीं बल्कि बिजनेस करने वाले मालिकों को भी कड़ी चेतावनी दी गई है। कारोबारियों से कहा गया है कि वे किसी भी तीसरे व्यक्ति को अपने ट्रेड लाइसेंस या कंपनी के बैंक खातों का इस्तेमाल बिना नियमों के न करने दें। ऐसा करने पर उनके बैंक खाते फ्रीज किए जा सकते हैं, भारी वित्तीय जुर्माना लगाया जा सकता है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है। जिन लोगों ने पहले ही जाने-अनजाने में अपने खाते का एक्सेस किसी और को दे दिया है, उन्हें तुरंत अपने बैंक से संपर्क करके पासवर्ड बदलने, कार्ड ब्लॉक करने और पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना देने की सलाह दी गई है।