UNGA में शहबाज शरीफ ने कश्मीर मुद्दा उठाया, भारत और पुराने विवादों पर रखी बात

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने न्यूयॉर्क में आयोजित 81st United Nations General Assembly (UNGA) को संबोधित किया। शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को दिए गए इस भाषण के दौरान उनके साथ देश के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में लंबे समय से चले आ रहे कश्मीर विवाद के एक न्यायसंगत और निष्पक्ष समाधान की मांग को फिर से उठाया।
कश्मीरी जनता के अधिकारों पर दिया जोर
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि कश्मीरी लोगों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जनमत संग्रह कराने के अपने वादे को पूरा करने के लिए आठ दशकों का लंबा इंतजार करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीढ़ियों से कश्मीरी लोगों ने अवैध कब्जे, मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने, गैर-न्यायिक हत्याओं और व्यवस्थित ज्यादतियों का सामना किया है। इसके अलावा, उन्होंने जनसांख्यिकीय फेरबदल और अन्य उपायों के जरिए जम्मू-कश्मीर की कानूनी स्थिति को बदलने की कोशिशों का भी जिक्र किया।
पाकिस्तान का कूटनीतिक समर्थन जारी रखने का ऐलान
पाकिस्तान के आधिकारिक रुख को दोहराते हुए Shehbaz Sharif ने कहा कि उनका देश कश्मीरी आबादी को उनके आत्मनिर्णय के अधिकार मिलने तक पूरा कूटनीतिक, राजनीतिक और नैतिक समर्थन देना जारी रखेगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप Ministry of Foreign Affairs Pakistan की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। उन्होंने साल 2025 के दौरान भारत के साथ हुए तनाव का भी जिक्र किया और उस समय स्थिति को संभालने के लिए अमेरिकी नेता Donald Trump के समय पर किए गए हस्तक्षेप की सराहना की। इस पूरे घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय बयानों से जुड़ी अन्य रिपोर्टों को पढ़ने के लिए ANI News पर विजिट किया जा सकता है।