शेख हसीना का भारत आना था पूरी तरह अप्रत्याशित, भारतीय उच्चायुक्त का बड़ा बयान

बांग्लादेश की राजनीति में मचे उथल-पुथल और उथल-पुथल भरे उन दिनों को आज भी लोग सिहर उठते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के अचानक भारत आने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रही हैं। इस बीच, ढाका में तैनात भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने इस मामले पर बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि शेख हसीना का अचानक भारत आ जाना पूरी तरह से अप्रत्याशित था और इसमें भारतीय सेना की कोई भी भूमिका नहीं थी।
अचानक बने थे ऐसे हालात
एक प्रतिष्ठित थिंक टैंक द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए भारतीय उच्चायुक्त ने उन पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि उस वक्त बांग्लादेश में जो त्रासद परिस्थितियां बनी थीं, वे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थीं। दुनिया के किसी भी कोने में निर्दोष लोगों की जान जाना दुखद है और भारत ऐसी घटनाओं के कभी भी समर्थन में नहीं रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब वह विमान भारत की तरफ आ रहा था, तब भारतीय अधिकारी भी इस घटनाक्रम से पूरी तरह हैरान थे। उन्होंने टीवी पर स्क्रॉल देखकर इसकी जानकारी ली थी। उस समय तक शेख हसीना आधिकारिक रूप से बांग्लादेश की प्रधानमंत्री थीं। ऐसे में भारत के पास पड़ोसी होने के नाते मानवीय दृष्टिकोण से स्थिति को स्वीकार करने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था।
प्रत्यर्पण और कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा
भारतीय उच्चायुक्त ने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देश जीवंत लोकतंत्र हैं और इस मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर दोनों देशों की न्याय प्रणालियां अपने नियमों के मुताबिक विचार कर रही हैं। बांग्लादेश की अंतरिम और नई सरकारों की तरफ से प्रत्यर्पण को लेकर लगातार मांगें उठाई जाती रही हैं, जिस पर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है।
उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में लिए गए फैसलों के अपने कूटनीतिक मायने होते हैं, लेकिन भारत ने हमेशा एक अच्छे पड़ोसी का फर्ज निभाया है। इस बयान के बाद शेख हसीना के भारत प्रवास और दोनों देशों के रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों पर काफी हद तक स्थिति स्पष्ट हो गई है।