"लापरवाही ने मुझे चोट पहुंचाई", अफगानिस्तान से हार के बाद सिकंदर रजा ने खिलाड़ियों को फटकारा

अफगानिस्तान से टी20 सीरीज हारने के बाद जिम्बाब्वे कप्तान सिकंदर रजा ने अपने खिलाड़ियों की लापरवाही और मानसिक कमजोरी पर कड़ा प्रहार किया।

Gautam Sahu30 October 20262 min read0 viewsWorld
"लापरवाही ने मुझे चोट पहुंचाई", अफगानिस्तान से हार के बाद सिकंदर रजा ने खिलाड़ियों को फटकारा

शारजाह (यूएई): जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज गंवाने के बाद अपनी टीम के कुछ खिलाड़ियों के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई है। रजा ने टीम में 'लापरवाही' देखने की बात कही, जिसके कारण उनकी टीम को गुरुवार को 19 रनों से हार का सामना करना पड़ा।

मैच के दौरान सिकंदर रजा ने खुद शानदार बल्लेबाजी करते हुए 56 गेंदों में नाबाद 106 रन बनाए, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। अफगानिस्तान की जीत में अजमतुल्लाह ओमरजई की 50 गेंदों पर 116 रनों की पारी निर्णायक साबित हुई।

रजा के मुताबिक, सबसे ज्यादा निराशा तब हुई जब अफगानिस्तान की टीम 5 रन पर 4 विकेट खो चुकी थी, फिर भी कुछ खिलाड़ियों में जीत का भरोसा नहीं था। उन्होंने कहा कि मैदान पर जो लापरवाही दिखी, उसने उन्हें चोट पहुंचाई है और वह ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों से इस मुद्दे पर बात करेंगे।

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क्रिकइन्फो के अनुसार, रजा ने कहा कि जब अफगानिस्तान का स्कोर 5 रन पर 4 विकेट था, तब कुछ खिलाड़ी शायद यह हिसाब लगा रहे थे कि विपक्षी टीम अधिकतम 130 या 140 रन ही बना पाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल तब तक खत्म नहीं होता जब तक आखिरी गेंद न फेंकी जाए और इसके लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है।

कप्तान ने चेतावनी दी कि किसी भी मैच को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है और अफगानिस्तान के खिलाफ मिली यह हार इसका बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी के विश्लेषण से पहले इस मानसिकता को ठीक करना जरूरी है ताकि खेल को हल्के में न लिया जाए।

मैच के बीच में जिम्बाब्वे का पलड़ा भारी था और उसने अफगानिस्तान को 45 रन पर 5 विकेट तक समेट दिया था। हालांकि, अजमतुल्लाह ओमरजई और इजाज अहमद अहमदजई (27 गेंदों में 52 रन) ने शानदार वापसी की और अफगानिस्तान का स्कोर 221/7 तक पहुंचा दिया।

लक्ष्य का पीछा करते हुए रजा ने बताया कि उन्होंने अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की कोशिश की ताकि किसी भी स्थिति से मैच जीता जा सके। उन्होंने कहा कि आखिरी दो ओवरों तक, जब 12 गेंदों में 46 रनों की जरूरत थी, तब भी उन्हें जीत की उम्मीद थी, लेकिन अंत तक उन्होंने अपने लिए बहुत ज्यादा काम छोड़ दिया था।

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