स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज संकट आखिरी नहीं होगा और ऊर्जा आपूर्ति को खतरा बना रहेगा: सिंगापुर मंत्री
सिंगापुर के ऊर्जा मंत्री तान सी लेंग ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज संकट भविष्य में फिर हो सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरा है।

सिंगापुर: सिंगापुर के ऊर्जा, व्यापार और उद्योग मंत्री तान सी लेंग ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा प्रवाह बाधित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा आयात करने वाले देशों को भविष्य में होने वाले ऐसे झटकों से निपटने के लिए अपनी तैयारी मजबूत करनी होगी।
सिंगापुर इंटरनेशनल एनर्जी वीक (SIEW) 2026 के दौरान 'सिंगापुर एनर्जी लेक्चर' में तान ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में चल रहा संकट इस तरह का आखिरी संकट नहीं होगा। उन्होंने साफ किया कि सिंगापुर खुद को वैश्विक या क्षेत्रीय झटकों से पूरी तरह अलग नहीं रख पाएगा।
मंत्री ने बताया कि इस साल वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। सऊदी अरब के हवाई अड्डे और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हूती हमलों के बाद स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे ऊर्जा प्रवाह में और रुकावट आने की आशंका है।
तान ने 'रिसोर्स नेशनलिज्म' यानी संसाधन राष्ट्रवाद पर चिंता जताते हुए कहा कि आपूर्ति की कमी होने पर देश अपनी घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दे सकते हैं। उनके मुताबिक, अगर यह प्रवृत्ति मौजूदा अनुबंध समझौतों को कमजोर करती है, तो इससे बिजनेस रिस्क बढ़ेगा और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश कम हो सकता है।
इन जोखिमों को कम करने के लिए सिंगापुर ने अपनी गैस आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाई है। अब सिंगापुर के गैस आयात का करीब आधा हिस्सा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के रूप में आता है। देश ने 2030 तक अपने दूसरे LNG टर्मिनल के जरिए क्षमता को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बनाई है।
ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सिंगापुर ने गैस और डीजल के ईंधन भंडार सहित बचाव के कई स्तर तैयार किए हैं। इसी साल सिंगापुर गैसको ने कतर से आने वाले शिपमेंट में रुकावट आने पर वैकल्पिक गैस की व्यवस्था की थी।
अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि सिंगापुर ने LNG और लो-कार्बन तकनीक के लिए कतरएनर्जी के साथ समझौता ज्ञापन का नवीनीकरण किया है। साथ ही, अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के साथ एक संयुक्त ऊर्जा टास्क फोर्स बनाने का समझौता किया गया है।
सिंगापुर और सऊदी अरब ने 2027 की दूसरी छमाही से जुरोंग रॉक कैवर्न्स में सऊदी कच्चे तेल के भंडारण की व्यवस्था करने की मंशा जताई है। इससे दक्षिण पूर्व एशिया में सऊदी तेल की सप्लाई चेन मजबूत होगी और आपूर्ति बाधित होने पर सिंगापुर की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी।
तान ने कहा कि तैयारियों की वजह से सिंगापुर इस संकट के सबसे बुरे असर को कम करने में सफल रहा है। हालांकि इस साल कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन देश में ईंधन की कमी या बिजली कटौती जैसी स्थिति नहीं हुई।
इंडोनेशिया से सिंगापुर आने वाली पाइप गैस के निर्यात में हाल ही में कमी आई है, लेकिन मंत्री ने बताया कि यह देश की कुल दैनिक गैस मांग के दो प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सिंगापुर अपने ऊर्जा विकल्पों का विस्तार करना जारी रखेगा ताकि घरेलू उपभोक्ताओं और व्यवसायों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।