खाड़ी सागर में बढ़ा तनाव: 6 भारतीय नाविकों की मौत, एक लापता

खाड़ी क्षेत्र में समुद्री संघर्ष के अचानक बढ़ने से एक दुखद खबर सामने आई है। इस संघर्ष के बीच छह भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस घटना ने खाड़ी देशों में मौजूद भारतीय नाविकों और वहां रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
कैसे हुआ यह हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 23 सितंबर को ओमान की मूसंदम प्रायद्वीप के पास हुई। MV Cape Dao नामक एक मालवाहक जहाज, जो एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे के तहत चल रहा था, पर कुछ अज्ञात प्रोजेक्टाइल्स (गोले) आकर गिरे। इस हमले से जहाज के इंजन रूम और रहने वाले हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा है।
इस हादसे में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले 26 वर्षीय सूरज यादव सहित छह भारतीयों ने अपनी जान गंवा दी। ओमान की रॉयल नेवी ने तत्परता दिखाते हुए जहाज पर मौजूद 19 अन्य भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
सरकार की कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयास
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर. महाजन ने बताया कि सऊदी अरब, ओमान, इराक और यूएई में भारतीय राजनयिक मिशन इस संकट से निपटने में जुटे हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य लापता व्यक्ति को ढूंढना और मृतकों के पार्थिव शरीर को वापस लाना है।
इस गंभीर स्थिति पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भी बात की। उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में भारत की भागीदारी की पुष्टि की है।
क्षेत्र में भारतीय नाविकों की स्थिति और जोखिम
खाड़ी क्षेत्र में वर्तमान में भारतीय नाविकों की स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार:
- 4,500 से अधिक भारतीय नाविक इस समय क्षेत्र में मौजूद हैं जिनकी निगरानी की जा रही है।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास 12 सक्रिय जहाजों पर 163 भारतीय कर्मी तैनात हैं।
- यूएई में लगभग 12,830 और सऊदी अरब में 3,131 भारतीय नाविकों की मौजूदगी है।
समुद्री संघर्ष के कारण व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 768 भारतीय चालक दल के सदस्य 28 भारतीय झंडे वाले टैंकरों और मालवाहक जहाजों पर फंसे हुए हैं।
सुरक्षा को लेकर उठते सवाल
इस घटना के बाद फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने सरकार से मांग की है कि नाविकों की सुरक्षा के लिए 24/7 राष्ट्रीय संकट सेल (National Crisis Cell) बनाया जाए और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं।
खाड़ी देशों (GCC) में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीयों के लिए स्थिति काफी अनिश्चित बनी हुई है। विशेष रूप से यूएई में, जहां 40 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं, वहां इस संघर्ष के प्रभाव को लेकर भारी चिंता देखी जा रही है।