दुबई में फंसे राजस्थान के छह युवक, पासपोर्ट छीना और मजदूरी भी रोकी

दुबई: शेखावाटी इलाके के छह युवक इन दिनों दुबई में बंधुआ जैसी हालत में फंसे बताए जा रहे हैं। झुंझुनू और चुरू के रहने वाले इन मजदूरों का कहना है कि उन्हें अच्छी नौकरी का भरोसा देकर विदेश भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उनकी जिंदगी किसी ठेकेदार के रहमोकरम पर आ गई। अक्टूबर 2026 के पहले और तीसरे दिन के बीच ये लोग यूएई पहुंचे थे।
पीड़ितों में दाबड़ी धीर सिंह के टाइल मिस्त्री मेहबूब अली भी शामिल हैं। उनका आरोप है कि यहां के एक स्थानीय एजेंट सुरेश कुमार को उन्होंने 50 हज़ार रुपये दिए थे, ताकि MBM कंपनी में काम मिल सके। मगर दुबई पहुंचने पर उन्हें MBM के बजाय ABC सप्लाई कंपनी नाम के लेबर ठेकेदार के हवाले कर दिया गया। आरोप है कि आते ही सबके पासपोर्ट भी अपने पास रख लिए गए।
रोज़ 16 घंटे काम, बीमारी में भी छुट्टी नहीं
मोहम्मद शोहेब अली और राजगढ़ के आमिर खान सहित इन मजदूरों ने बताया कि सुबह 4 बजे से रात 9 बजे तक उनसे लगातार काम लिया जाता है। बीमार पड़ने पर भी उन्हें आराम की इजाज़त नहीं मिलती। हालात ऐसे हैं कि थकान और खराब रहने की जगह से परेशान होकर अब वे खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
सबसे बड़ी परेशानी मेहनताने को लेकर है। कंपनी का कहना है कि पैसे दो महीने बाद मिलेंगे, जबकि मजदूरों का आरोप है कि उन्हें अब तक एक पैसा भी नहीं दिया गया। इतना ही नहीं, उनसे कहा जा रहा है कि पासपोर्ट वापस पाने और भारत लौटने के लिए हर किसी को 3,000 दिरहम, यानी करीब 80 हज़ार रुपये देने होंगे। इतनी रकम जुटाना इन परिवारों के लिए आसान नहीं है।
जब इन युवकों ने एजेंट सुरेश कुमार से मदद मांगी, तो उसने हाथ खड़े कर दिए। उसका कहना है कि उसकी जिम्मेदारी बस इतनी थी कि लोग दुबई पहुंच जाएं, उसके बाद का मामला उसके दायरे से बाहर है।
मजदूरों ने भारतीय दूतावास दुबई और विदेश मंत्रालय के नाम वीडियो संदेश जारी कर गुहार लगाई है। उनका कहना है कि अगर उन्हें कुछ होता है, तो इसके लिए एजेंट और सप्लाई कंपनी जिम्मेदार होंगी। इन छह युवकों के अलावा ऐसे ही हालात में करीब 32 भारतीय होने की बात भी सामने आ रही है।