Flydubai की उड़ान में बड़ा हादसा: भारतीय पायलट स्मित मच्छछर अस्पताल में भर्ती

दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ 1073 में एक बेहद डरावनी घटना घटी है। इस विमान के पायलट, भारतीय मूल के स्मित मच्छछर (Smit Machchhar), एक सुरक्षा संबंधी घटना के बाद सऊदी अरब में अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना के दौरान विमान को आपातकालीन स्थिति में सऊदी अरब के तबुक (Tabuk) एयरपोर्ट पर उतारा गया।
विमान के कॉकपिट में हुआ खूनी संघर्ष
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार, 30 सितंबर 2026 को हुई। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि कॉकपिट के भीतर एक पायलट ने दूसरे पायलट पर हमला किया, जिससे विमान को क्रैश करने की कोशिश की गई। इस संघर्ष के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक 17,000 फीट की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे विमान में सवार सभी यात्री दहशत में आ गए।
विमान में कुल 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए विमान ने '7700' और '7500' जैसे इमरजेंसी कोड प्रसारित किए। गनीमत रही कि ड्यूटी पर मौजूद फ्लाईदुबई के अन्य क्रू सदस्य और यात्रियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और विमान को सुरक्षित रखने में मदद की।
सऊदी अधिकारियों की कार्रवाई और पायलट की स्थिति
घटना के तुरंत बाद, विमान को तबुक एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया। पायलट-इन-कमांड स्मित मच्छछर और को-पायलट दोनों को अस्पताल ले जाया गया। जहाँ स्मित मच्छछर का इलाज चल रहा है, वहीं को-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है।
- भारतीय दूतावास की निगरानी: रियाद में भारतीय दूतावास और जेद्दा में वाणिज्य दूतावास ने पुष्टि की है कि वे स्मित मच्छछर की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
- जांच शुरू: यूएई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GCAA) ने इस मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।
- उड़ानों पर असर: इस घटना के बाद Flydubai ने यूएई और इजरायल के बीच अपनी सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।
यात्रियों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
विमान में सवार सभी यात्रियों को तबुक से दूसरे विमान के जरिए सुरक्षित तेल अवीव पहुँचा दिया गया है। यूएई के उप प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने यात्रियों की कुशलता के बारे में जानकारी ली है। वहीं, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस घटना पर नजर रखी है और स्पष्ट किया है कि इस घटना से अमेरिकी सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है।