"खिलाड़ियों का कौशल अब पहले जैसा नहीं रहा", पाकिस्तान क्रिकेट के संकट पर बोले सोहेल तनवीर

पाकिस्तान क्रिकेट इन दिनों एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। टीम की लगातार खराब फॉर्म और बड़े टूर्नामेंट्स में संघर्ष को देखते हुए पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर ने अपनी चिंता जाहिर की है। तनवीर का मानना है कि वर्तमान समय में पाकिस्तानी खिलाड़ियों का स्किल सेट उतना मजबूत नहीं रहा है, जितना खेल के सुनहरे दौर में हुआ करता था।
सोहेल तनवीर ने याद दिलाया कि 90 के दशक में पाकिस्तान क्रिकेट अपने चरम पर था। इमरान खान की कप्तानी और 1992 वर्ल्ड कप की जीत ने देश में क्रिकेट का एक ऐसा दौर शुरू किया था जहां हर खिलाड़ी मैच जिताने की क्षमता रखता था। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खेल में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और कोई भी टीम हमेशा शिखर पर नहीं रह सकती।
घरेलू क्रिकेट सिस्टम में अस्थिरता बनी बड़ी वजह
पाकिस्तान की हालिया हारों का जिक्र करते हुए तनवीर ने बताया कि टीम ने बांग्लादेश, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ टेस्ट मैचों में करारी शिकस्त झेली है। उनके अनुसार, इस गिरावट का मुख्य कारण घरेलू क्रिकेट के ढांचे में बार-बार किए गए बदलाव हैं। तनवीर ने कहा कि केवल पैसा निवेश करना काफी नहीं है, बल्कि सिस्टम में निरंतरता (Continuity) होना सबसे ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा, "आजकल की सुविधाएं हमारे समय की तुलना में कहीं बेहतर हैं, लेकिन हमने अपने घरेलू सिस्टम के साथ बहुत ज्यादा छेड़छाड़ की है। इसी अस्थिरता ने टीम को कमजोर किया है।" तनवीर का मानना है कि यदि गिरावट के असली कारणों की पहचान कर उन्हें ठीक किया जाए, तो पाकिस्तान एक बार फिर अपनी पुरानी चमक वापस पा सकता है।
बता दें कि 41 वर्षीय सोहेल तनवीर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में तीनों फॉर्मेट्स में 121 मैच खेले और 130 विकेट लिए। उन्होंने वनडे और टी20 में अपनी सटीक गेंदबाजी से दुनिया भर में पहचान बनाई थी।