अंतरराष्ट्रीय अदालत में दक्षिण अफ्रीका ने इसराइल के खिलाफ दाखिल किया नया डोजियर, नियमों के उल्लंघन का आरोप.

दक्षिण अफ्रीका की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय अदालत यानी ICJ में इसराइल के खिलाफ एक नया और अहम डोजियर औपचारिक रूप से जमा किया है। इस दस्तावेज में यह आरोप लगाया गया है कि इसराइल गाजा में चल रहे संघर्ष के दौरान अदालत के कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरिम आदेशों का पालन करने में पूरी तरह असफल रहा है। दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध और सहयोग विभाग यानी DIRCO ने इस बात की जानकारी दी है कि यह नया दस्तावेज 25 अगस्त 2026 को दाखिल किया गया था और इसकी घोषणा 28 और 29 अगस्त 2026 को की गई। इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी आप DIRCO की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
गाजा में लगातार हो रहे नियमों के उल्लंघन का दावा
दक्षिण अफ्रीका की ओर से जमा किए गए इस नए डोजियर में इसराइल पर कई गंभीर और व्यवस्थित उल्लंघनों का आरोप लगाया गया है। दस्तावेज में बताया गया है कि गाजा के लोगों को पानी, दवाइयां और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बेहद जरूरी चीजों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा प्रिटोरिया ने यह भी आरोप लगाया है कि इसराइल ने विदेशी पत्रकारों और संयुक्त राष्ट्र यानी UN के जांचकर्ताओं को गाजा में प्रवेश करने से रोका है और स्थानीय पत्रकारों को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है। डोजियर में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि एक घोषित युद्धविराम के बावजूद इसराइल की सेना गाजा में हर दिन औसतन एक फलस्तीनी बच्चे की जान ले रही है। इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों ने यह रिपोर्ट भी दी है कि साल 2026 के दौरान गाजा में फलस्तीनी महिलाओं के गर्भपात की दरों में तीन गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
मानवीय संकट और घायलों के आंकड़े
गाजा में चल रहे इस भीषण मानवीय संकट के आंकड़े बेहद डराने वाले हैं। 7 अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक कम से कम 73,407 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं और 1,74,335 लोग घायल हुए हैं। यह कुल संख्या गाजा की कुल आबादी के 10 प्रतिशत से भी ज्यादा है। जो लोग इस जंग में बच गए हैं उनमें से अनुमानित 46,000 लोग ऐसे हैं जो गंभीर चोटों से जूझ रहे हैं। इनमें अंगों का काटा जाना यानी एम्प्यूटेशन और दिमागी या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गंभीर चोटें शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका ने यह बात फिर से दोहराई है कि वह इसराइल को अदालत के निर्देशों का तुरंत पालन करवाने के लिए सभी कानूनी रास्तों का इस्तेमाल जारी रखेगा। अब ICJ की समिति इस नई जानकारी की जांच शुरू कर चुकी है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।