होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सेना भेजने से दक्षिण कोरिया का इनकार, कहा- अभी समीक्षा जारी

Nura Basta5 September 20263 min read29 viewsWorld
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सेना भेजने से दक्षिण कोरिया का इनकार, कहा- अभी समीक्षा जारी

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने शुक्रवार को यह साफ कर दिया है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य बल भेजने को लेकर अभी तक कोई भी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सरकार इस पूरे प्रस्ताव की बहुत बारीकी से और व्यापक स्तर पर समीक्षा कर रही है। देश की सरकार का कहना है कि किसी भी प्रकार के निर्णय को लेने से पहले देश की रक्षा तैयारियों और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरी तरह ध्यान में रखा जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

योनहाप एजेंसी का बयान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार, राष्ट्रपति कार्यालय के एक खास अधिकारी ने यह जानकारी दी कि यदि दक्षिण कोरिया भविष्य में होर्मुज़ में कोई भी योगदान देने का फैसला करता है, तो वह केवल जलडमरूमध्य में मुक्त और सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के तहत सैन्य सहयोग कर सकता है। हालांकि, यह योगदान ऐसा होना चाहिए जिससे कोरियाई प्रायद्वीप पर दक्षिण कोरिया की खुद की रक्षा तैयारियों पर कोई भी बुरा प्रभाव न पड़े।

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मीडिया रिपोर्ट्स और संसद की मंजूरी पर सफाई

यह बयान उन तमाम मीडिया रिपोर्टों के सामने आने के बाद आया है जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि दक्षिण कोरियाई सरकार होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अपने सैन्य बल भेजने की योजना बना रही है और इसके लिए संसद की मंजूरी लेने की तैयारी चल रही है। उन रिपोर्टों में यह भी संभावना जताई गई थी कि सरकार कॉम्बैट सपोर्ट शिप और अन्य सैन्य संसाधनों को वहां तैनात कर सकती है। इस पर अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकार की बातचीत अभी संसद की मंजूरी लेने के चरण तक बिल्कुल नहीं पहुंची है और तैनाती को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

गैर-लड़ाकू बलों और अन्य विकल्पों पर विचार

राष्ट्रपति कार्यालय ने यह भी साफ किया कि होर्मुज़ क्षेत्र में सैन्य योगदान का मतलब सिर्फ लड़ाकू सैनिकों की तैनाती करना नहीं है। इसके बजाय सरकार गैर-लड़ाकू बल, खोज एवं बचाव दल तथा अन्य संभावित विकल्पों पर भी बहुत गहराई से विचार कर रही है। अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि सैन्य तैनाती को सीधे तौर पर किसी युद्ध या लड़ाई से जोड़ना बिल्कुल जरूरी नहीं है। दक्षिण कोरिया अपनी सुरक्षा स्थिति और अपने पास मौजूद संसाधनों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विकल्पों की समीक्षा कर रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दबाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से दक्षिण कोरिया पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अपना योगदान देने के लिए लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप कई बार सियोल पर अमेरिकी अनुरोध को ठुकराने का खुला आरोप भी लगा चुके हैं। हालांकि, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने उन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें यह कहा जा रहा था कि होर्मुज़ में संभावित सैन्य तैनाती का मुद्दा सियोल और वॉशिंगटन के बीच चल रही आपसी बातचीत में कोई बहुत बड़ी बाधा बन गया है।

अमेरिका के साथ व्यापार और सेमीकंडक्टर पर चर्चा

दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच पिछले साल हुए बड़े टैरिफ समझौते के अंतर्गत आर्थिक और रक्षा संबंधी समझौतों को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत का सिलसिला लगातार जारी है। राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी ने यह भी माना कि दोनों देशों के बीच मौजूदा बातचीत फिलहाल बहुत ज्यादा सुचारू रूप से आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बातचीत के दायरे में सेमीकंडक्टर से जुड़े हुए तमाम मुद्दे भी शामिल हैं। इसी बीच अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने इस सप्ताह की शुरुआत में यह बयान दिया था कि ट्रंप प्रशासन सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए एक विशेष और रणनीतिक टैरिफ नीति तैयार करने पर लगातार काम कर रहा है।

फिलहाल दक्षिण कोरिया का रुख अपनी जगह बिल्कुल साफ है और उनका यही कहना है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में किसी भी संभावित योगदान पर अंतिम फैसला केवल देश की सुरक्षा जरूरतों, कानूनी प्रक्रियाओं और रक्षा तैयारियों की पूरी समीक्षा करने के बाद ही लिया जाएगा।

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