नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन का कहर, दक्षिण कोरिया ने मदद के लिए भेजा 44 सदस्यीय राहत दल

Nura Basta1 September 20263 min read13 viewsWorld
नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन का कहर, दक्षिण कोरिया ने मदद के लिए भेजा 44 सदस्यीय राहत दल

दक्षिण कोरिया की सरकार ने नेपाल में आए भयानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्यों में हाथ बंटाने के लिए अपना एक बड़ा दल रवाना किया है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि 44 सदस्यीय कोरिया डिजास्टर रिलीफ टीम (KDRT) नेपाल के लिए रवाना हो चुकी है। यह टीम विशेष रूप से नेपाल के रसुवा क्षेत्र में चल रहे सर्च ऑपरेशन में मदद करेगी, जहां प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। इस राहत दल में विदेश मंत्रालय, कोरिया इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी और नेशनल फायर एजेंसी के विशेष कर्मी शामिल हैं। इस पूरी टीम का नेतृत्व विकास सहयोग ब्यूरो के महानिदेशक ली क्यू-हो कर रहे हैं।

नेपाल में बाढ़ और लापता लोगों की तलाश

नेपाल में यह तबाही पिछले महीने यानी 26 अगस्त 2026 को शुरू हुई थी, जब अचानक आए फ्लैश फ्लड और कीचड़ के बहाव ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया था। इस प्राकृतिक आपदा के कारण आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य के दौरान यह बात सामने आई कि इस आपदा की चपेट में आने वालों में दक्षिण कोरिया के नागरिक भी शामिल हैं। डूसान एनर्बिलिटी और कोरिया साउथ-East पावर कंपनी के नौ कर्मचारी इस हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट के कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहे थे, जो इस आपदा के बाद से लापता हैं। इन सभी नागरिकों की तलाश और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के साथ लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए हैं। दक्षिण कोरिया की तरफ से इस राहत दल को भेजने का औपचारिक फैसला पब्लिक-प्राइवेट ज्वाइंट ओवरसीज इमरजेंसी रिलीफ काउंसिल की बैठक में लिया गया था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही है मदद

नेपाल के इस संकट की घड़ी में केवल दक्षिण कोरिया ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई अन्य देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन भी मदद के लिए आगे आए हैं। दक्षिण कोरिया ने इस आपदा से निपटने के लिए पहले ही 27 अगस्त को 1 मिलियन डॉलर यानी 10 लाख अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता देने की घोषणा की थी। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र यानी यूनाइटेड नेशंस ने आपातकालीन चिकित्सा, रहने के लिए आश्रय और पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए 2 मिलियन डॉलर का फंड आवंटित किया है। नेपाल के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर 31 अगस्त तक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की खोज और बचाव टीमें मौके पर लगातार काम कर रही थीं। नेपाल स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 31 अगस्त को एक नेचुरल डिजास्टर अलर्ट जारी किया था। दूतावास ने लोगों को सलाह दी थी कि वे धुंचे से उत्तर की ओर यात्रा करने से बचें और बागमती प्रांत में लगातार हो रही भारी बारिश के पूर्वानुमान के कारण नदियों के किनारों के पास जाने से पूरी तरह परहेज करें। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए अमेरिकी दूतावास के नेचुरल डिजास्टर अलर्ट पेज पर जाकर पूरी स्थिति को समझा जा सकता है। इसके अलावा मलेशिया, यूरोपीय संघ और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिस्सेंट सोसाइटीज की तरफ से भी प्रभावित इलाकों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता पहुंचाई जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment