यमन में हूती हमला नाकाम, धुबाब के उत्तर में सदर्न जायंट्स ब्रिगेड

ताइज़ गवर्नरेट, यमन: शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 की सुबह यमन के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में एक अहम मोर्चे से बड़ी ख़बर आई। सदर्न जायंट्स ब्रिगेड ने ऐलान किया कि उसने धुबाब एयरपोर्ट के उत्तर में अपनी चौकियों पर हूती मिलिशिया के हमले को नाकाम कर दिया है। यमन की सशस्त्र सेनाओं से जुड़ी यह सरकार-समर्थक इकाई है, और उसने यह जानकारी X पर एक बयान के ज़रिये दी।
ब्रिगेड के मुताबिक़ इस टकराव में हमलावर हूती लड़ाकों को भारी नुकसान हुआ, जिसमें जान और सैन्य साज़ो-सामान, दोनों शामिल हैं। दबाव बढ़ने पर हूती बलों को इलाका छोड़कर पीछे हटना पड़ा। ज़मीन पर डटे जवानों को हवाई मदद भी मिली। अरब गठबंधन, जिसकी अगुवाई सऊदी अरब कर रहा है, ने उन हूती सुदृढ़ीकरण टुकड़ियों को निशाना बनाया जो मोर्चे की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही थीं।
धुबाब इलाका सामरिक रूप से बेहद अहम माना जाता है। यह बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। इसलिए यहाँ की हर सैन्य हलचल पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नज़र रखी जाती है।
यह लड़ाई अचानक नहीं हुई, बल्कि सैन्य अभियानों के एक तेज़ दौर का हिस्सा है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 की शाम यमनी सशस्त्र सेनाओं के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुज़ैली ने बताया कि सरकारी बलों ने 24 घंटों के भीतर 2,750 से ज़्यादा सटीक निशाना बनाने वाले अभियान चलाए। उनके अनुसार इन कार्रवाइयों में 1,400 से अधिक हूती लड़ाके ढेर हुए और 250 से ज़्यादा वाहन व युद्ध-सामग्री या तो नष्ट हुई या बेकार कर दी गई।
किन ठिकानों पर हुए हमले
प्रवक्ता के मुताबिक़ हमले अलग-अलग मोर्चों पर हुए और उनका निशाना हूती किलेबंदी, फील्ड आर्टिलरी बैटरियाँ, गोला-बारूद के भंडार और टोह लेने वाले ठिकाने थे। मक़सद साफ़ था, हमला करने की ताक़त को जड़ से कमज़ोर करना, ताकि हूती आगे बढ़ने की स्थिति में न रहें।
धुबाब की ताज़ा झड़प से साफ़ है कि यमन का यह संघर्ष अभी थमने के संकेत नहीं दे रहा। आने वाले दिनों में इस इलाके की