S&P Global Ratings ने सऊदी अरब की क्रेडिट रेटिंग को A+ पर रखा बरकरार, स्थिर दृष्टिकोण की घोषणा.

अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी S&P Global ने सऊदी अरब की वित्तीय स्थिति पर अपनी नवीनतम रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी ने देश की क्रेडिट रेटिंग को A+ पर सुरक्षित रखा है और इसका दृष्टिकोण stable यानी स्थिर बताया है। इस बड़े फैसले से यह साबित होता है कि सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और क्षेत्रीय संघर्षों के दबाव को आसानी से झेलने की पूरी क्षमता रखती है। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि देश की ऊर्जा निर्यात व्यवस्था बेहद मजबूत है और संकट के समय भी तेल आपूर्ति को सुचारू रूप से चलाया जा सकता है।
तेल निर्यात और बुनियादी ढांचे की मजबूती
सऊदी अरब के पास कच्चे तेल के निर्यात के लिए एक विविधतापूर्ण और सुरक्षित बुनियादी ढांचा मौजूद है। ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन के माध्यम से देश अपने क्रूड ऑयल के निर्यात को सीधे रेड सी की तरफ आसानी से मोड़ सकता है। इसके अलावा, देश के भीतर और विदेशों में भी बड़े पैमाने पर तेल भंडारण और रिफाइनिंग की क्षमता उपलब्ध है। इन तमाम खूबियों की वजह से क्षेत्रीय अशांति का असर देश की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ रहा है और तेल का कारोबार बिना किसी रुकावट के लगातार जारी है।
गैर-तेल क्षेत्रों में लगातार हो रही वृद्धि
एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया है कि देश की गैर-तेल गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और सरकार को लगातार गैर-तेल राजस्व से लाभ मिल रहा है। सऊदी विजन 2030 के तहत शुरू किए गए निवेश खर्चों को सरकार बहुत ही सुनियोजित तरीके से नियंत्रित कर रही है। क्षेत्रीय संघर्ष के बावजूद, देश में आम लोगों द्वारा की जा रही खरीदारी और उपभोक्ता खर्चों के कारण गैर-तेल गतिविधियों में जबरदस्त मजबूती देखने को मिली है। सरकारी गतिविधियों को मिलाकर अब गैर-तेल सेक्टर कुल जीडीपी का लगभग 70 percent हिस्सा बन चुका है, जबकि साल 2018 में यह आंकड़ा केवल 65 percent हुआ करता था। यह बदलाव इस बात को साबित करता है कि देश तेल के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आर्थिक विकास और जीडीपी के आंकड़े
S&P Global ने आने वाले वर्षों के लिए जीडीपी को लेकर अपने अनुमान भी सामने रखे हैं। एजेंसी के अनुसार, साल 2026 में वास्तविक जीडीपी में 0.9 percent की मामूली गिरावट आ सकती है। हालांकि, इसके तुरंत बाद साल 2027 में तेल उत्पादन में बढ़ोतरी के चलते जीडीपी में 8.2 percent की भारी तेजी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, साल 2028 से 2029 के दौरान वास्तविक जीडीपी औसतन 3.3 percent रहने की पूरी उम्मीद जताई गई है।
वित्तीय भंडार और विजन 2030 का प्रभाव
सऊदी अरब की सबसे बड़ी ताकतों में देश की सरकारी संपत्ति की मजबूत स्थिति और विदेशी मुद्रा भंडार शामिल हैं। देश का विदेशी मुद्रा भंडार साल 2020 के शुरुआती महीनों के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है। सऊदी विजन 2030 के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स को लागू करने के तरीकों में जो बदलाव किए गए हैं, उससे देश की वित्तीय स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी। एजेंसी का मानना है कि सऊदी अरब अपनी वित्तीय प्रबंधन नीतियों को बहुत ही लचीला और समझदारी भरा रखेगा, जिससे विजन 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने के साथ-साथ सार्वजनिक खजाने को भी सुरक्षित रखा जा सके। देश में लगातार हो रहे सुधार गैर-तेल विकास को आगे बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी साबित हो रहे हैं।