SpiceJet Flight Delay: दिल्ली से दुबई जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट्स 30 घंटे तक लेट, मुसाफिर परेशान

Praggya Singh sabal16 September 20262 min read21 viewsUAE
SpiceJet Flight Delay: दिल्ली से दुबई जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट्स 30 घंटे तक लेट, मुसाफिर परेशान

नई दिल्ली से दुबई की यात्रा करने वाले यात्रियों को इस हफ्ते भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि स्पाइसजेट एयरलाइन की दो उड़ानें बिना किसी समय पर तय वक्त से बहुत ज्यादा देरी से उड़ीं। विमान ग्राउंड होने और ऑपरेशनल समस्याओं के कारण कुल 290 यात्रियों को इस परेशानी से गुजरना पड़ा, जिससे एयरपोर्ट पर काफी हंगामा देखने को मिला। यात्रा करने वाले आम लोगों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को इस स्थिति के कारण भारी मानसिक तनाव और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ा।

टर्मिनल 3 पर यात्रियों का हंगामा

विमान के तय समय पर न उड़ने और बार-बार उड़ान का समय बदलने से नाराज यात्रियों ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने प्रभावित लोगों को समय पर भोजन, पानी और दूसरी जरूरी चीजें मुहैया कराईं। स्पाइसजेट एयरलाइन की तरफ से इस पूरी असुविधा के लिए खेद जताया गया और कहा गया कि यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए थे।

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उड़ानों की पूरी जानकारी

उड़ान संख्या SG 5111 को 16 सितंबर 2026 को सुबह 7:45 बजे दिल्ली से उड़ान भरनी थी, लेकिन यह फ्लाइट अगले दिन यानी मंगलवार को दोपहर करीब 2:00 बजे रवाना हो पाई। इस विमान में लगभग 130 मुसाफिर सवार थे जिन्हें करीब 30 घंटे की लंबी देरी झेलनी पड़ी। इसके अलावा दूसरी उड़ान SG 5105 को सोमवार शाम 6:45 बजे जाना था, जो मंगलवार दोपहर को रवाना हुई और इसके करीब 160 यात्रियों को लगभग 19 घंटे का इंतजार करना पड़ा। इसी रूट की एक और उड़ान SG 9511 को भी विमान की उपलब्धता न होने के कारण रीशेड्यूल करना पड़ा।

यात्रियों के अधिकार और नियम

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पैसेंजर चार्टर और डीजीसीए नियमों के अनुसार, अगर उड़ान का समय 3 से 4 घंटे का है और देरी 2.5 से 3 घंटे से ज्यादा हो जाती है, तो एयरलाइंस का यह फर्ज बनता है कि वे यात्रियों को खाना और पानी दें। इसके अलावा, यदि उड़ान में देरी 24 घंटे से ज्यादा की हो जाती है, तो एयरलाइन को होटल में ठहरने की व्यवस्था और एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए वाहन देना अनिवार्य होता है। जानकारों का कहना है कि यात्रियों को अपने बोर्डिंग पास, बुकिंग रेफरेंस, एयरलाइन से मिले संदेश और अपने पास से किए गए खर्च के बिल संभाल कर रखने चाहिए ताकि रिफंड या ट्रैवल इंश्योरेंस का दावा करने में कोई परेशानी न हो। किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए यात्री एयरलाइन के कस्टमर सपोर्ट या सरकार के ಅಧಿಕृत AirSewa प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं।

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