Sri Lanka: साल 2013 के एयरबस करप्शन केस में पूर्व राष्ट्रपति के बेटे नामल राजपक्षे गिरफ्तार.

श्रीलंका की राजनीति और कानून व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां देश की भ्रष्टाचार जांच एजेंसी ने पूर्व राष्ट्रपति के बेटे और सांसद को हिरासत में ले लिया है। श्रीलंका की Commission to Investigate Allegations of Bribery or Corruption (CIABOC) ने 4 सितंबर 2026 को सांसद नमल राजपक्षे को गिरफ्तार कर लिया। नामल राजपक्षे श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे हैं। यह पूरी कार्रवाई साल 2013 में एयरबस कंपनी के साथ हुए 2.3 अरब डॉलर के विमान खरीद समझौते से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के सिलसिले में की गई है। इस बड़े विमान सौदे को बाद में साल 2016 में सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया था।
पांच घंटे से अधिक चली पूछताछ के बाद हुई कार्रवाई
जांच एजेंसी के अधिकारियों ने सांसद नामल राजपक्षे को लगातार पांच घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के लिए बैठाया और उनका बयान दर्ज किया। इस दौरान उनके वकीलों ने जांच निकाय से पेशी के लिए किसी अन्य तारीख की मांग की थी, जिसे एजेंसी ने सिरे से खारिज कर दिया। बयान दर्ज होने के बाद उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया और मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 18 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इस गिरफ्तारी की पुष्टि सांसद के कानूनी सलाहकार निशानता दयानंद ने मीडिया के सामने की है।
एयरबस रिश्वत कांड और अंतरराष्ट्रीय जांच का दायरा
यह पूरा मामला उस वक्त चर्चा में आया जब 10 विमानों की खरीद के दौरान वरिष्ठ श्रीलंकाई अधिकारियों और नेताओं को रिश्वत देने की बातें सामने आईं। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की संयुक्त जांच एजेंसियों ने अपनी पुरानी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि एयरबस ने श्रीलंका में लगभग 16 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने पर सहमति जताई थी। इसमें से 1.7 मिलियन डॉलर की राशि श्रीलंकन एयरलाइंस के पूर्व सीईओ कपिला चंद्रसेना के पास पहुंचाई गई थी। कपिला चंद्रसेना ने इसी साल मार्च में दावा किया था कि उन्होंने लगभग पांच लाख डॉलर की रिश्वत राजपक्षे परिवार को पहुंचाई थी। हालांकि, मई महीने में कपिला चंद्रसेना एक रिश्तेदार के घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे और उनकी मौत की जांच अभी भी जारी है।
सिंगापुर के खातों के जरिए हुआ पैसों का लेनदेन
भ्रष्टाचार जांच आयोग (CIABOC) के पास इस मामले में पुख्ता सबूत मौजूद हैं। इन सबूतों में एक व्यवसायी का बयान भी शामिल है, जिसने कथित तौर पर EUR 1,454,651.24 और 800,000 अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम राशि सिंगापुर के स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में मौजूद BIZ Solutions Inc. के खाते में ट्रांसफर की थी। उस समय इस राशि की कुल वैल्यू करीब 100 मिलियन श्रीलंकाई रुपये थी। इसके बाद इन पैसों को सिंगापुर के ओओसीबीसी बैंक में स्थित Sabre Vision Holdings Ltd. के खाते में आगे ट्रांसफर कर दिया गया। फ्रांस में एयरबस के अधिकारियों द्वारा दिए गए दस्तावेजों और कई इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से इस जांच को और अधिक मजबूती मिली है।
परिवार ने सभी आरोपों को नकारा
इस पूरे मामले की आंच सिर्फ बेटे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसी साल मई महीने में देश के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से भी इस विमान सौदे में कथित तौर पर रिश्वत लेने के मामले में पूछताछ की जा चुकी है। हालांकि, राजपक्षे परिवार ने हमेशा की तरह इस बार भी अपने ऊपर लगे सभी भ्रष्टाचार के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। परिवार का कहना है कि उनके खिलाफ चल रही यह तमाम कानूनी कार्यवाही राजनीति से प्रेरित है और उनका इस करप्शन से कोई लेना-देना नहीं है। जांच एजेंसियां इस मामले से जुड़े हर एक पहलू की गहराई से पड़ताल करने में जुटी हुई हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।