UAE में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने शुरू की क्रिप्टो ट्रेडिंग, ऐसा करने वाला बना देश का पहला बड़ा बैंक.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में डिजिटल करंसी को लेकर एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने आधिकारिक तौर पर अपने Standard Chartered DIFC के जरिए संस्थान स्तर पर बिटकॉइन और एथर स्पॉट ट्रेडिंग सेवाओं का विस्तार कर दिया है। यह कदम उठाने के बाद यह बैंक यूएई बाजार में ऐसी सुविधा देने वाला पहला वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बैंक यानी G-SIB बन गया है। इस नई शुरुआत के साथ ही यह बैंक इस क्षेत्र में डिजिटल संपत्ति स्पॉट ट्रेडिंग प्रदान करने वाला इकलौता ग्लोबल बैंक भी बन गया है।
सख्त नियमों के दायरे में होगी ट्रेडिंग
यह नई सेवा दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के भीतर Dubai Financial Services Authority के कड़े नियमों के तहत चलाई जाएगी। बैंक ने इससे पहले जुलाई 2025 में अपनी यूके शाखा के माध्यम से और सितंबर 2024 में यूएई में डिजिटल संपत्ति कस्टडी सेवाएं शुरू की थीं। यह नया सिस्टम सीधे बैंक के पुराने इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इससे ग्राहकों को फॉरेन एक्सचेंज यानी एफएक्स इंटरफेस का इस्तेमाल करके ट्रेड करने में आसानी होगी। संस्थान अपने हिसाब से किसी भी कस्टडी को चुनकर अपने ट्रेड सेटल कर सकते हैं, जिसमें बैंक की अपनी खुद की डिजिटल कस्टडी सेवा भी शामिल है।
अधिकारियों ने दी जानकारी
यूएई, मिडिल ईस्ट और पाकिस्तान में स्टैंडर्ड चार्टर्ड की सीईओ रोला अबू मन्नेह ने बताया कि डिजिटल संपत्तियों के लिए यूएई का साफ-सुथरा नियम लोगों और संस्थाओं को आगे आने के लिए बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि ट्रेड को सुरक्षित कस्टडी और ग्लोबल बैंक कनेक्टिविटी के साथ जोड़ने से ग्राहकों को डिजिटल बाजार से जुड़ने का एक पक्का रास्ता मिलता है। इसके अलावा स्टैंडर्ड चार्टर्ड डीआईएफसी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर क्रिस्टोफर पार्सन्स ने कहा कि डीआईएफसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के लिए क्षेत्रीय बाजारों में अपनी सेवाएं फैलाने का एक जरूरी मंच है।
बड़ी कंपनियों का मिल रहा है साथ
इस पूरी योजना को कई बड़ी कंपनियों और डिजिटल रणनीतियों का समर्थन मिल रहा है, जिसमें जोडिया मार्केट्स और लिबेरा जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा CoinMENA, OKX, Brevan Howard, Franklin Templeton और ब्लैक रॉक के बुइडल फंड जैसी कंपनियों के साथ भी मिलकर काम किया जा रहा है। जनवरी 2026 से लागू हुए नए नियमों के मुताबिक अब सभी रेगुलेटेड कंपनियों के लिए यह जरूरी कर दिया गया है कि वे बिना फिएट वाले क्रिप्टो टोकन के लिए अपनी जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करें।