Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से बंदर अब्बास बंदरगाह पर छाई मंदी, व्यापार हुआ ठप.

होरमुज जलडमरूमध्य में लगातार जारी तनाव की वजह से ईरान के तटीय इलाकों में कारोबार बहुत ज्यादा मंद पड़ गया है। बंदर अब्बास जैसे मुख्य बंदरगाह शहर में हालात यह हैं कि व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह से धीमी हो गई हैं और आम दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
शिपिंग ट्रैफिक में भारी गिरावट और जहाजों का ठहराव
इस समुद्री संकट और सैन्य तनाव की वजह से जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में बहुत भारी गिरावट दर्ज की गई है। आईएमएफ पोर्टवॉच के आंकड़ों के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 को यहां से केवल 6 जहाज ही गुजर पाए, जबकि सामान्य दिनों में रोजाना 85 जहाज इस रास्ते से निकलते थे। इसके अलावा, 8 सितंबर 2026 तक लगभग 357 जहाज समुद्र में ही अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे और मैरिटाइम ट्रैफिक के आंकड़ों के अनुसार 9 सितंबर तक 42 टैंकर इस रास्ते को पार करने के लिए खड़े थे। पिछले हफ्ते कुल शिपिंग ट्रैफिक में सीधे तौर पर 28 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य संघर्ष
अमेरिका की तरफ से लगाए गए सैन्य प्रतिबंधों और नाकाबंदी के कारण ईरान के तेल निर्यात पर बहुत बुरा असर पड़ा है, जिससे कुल ईरानी व्यापार में 25% से 35% तक की भारी गिरावट आई है। इन हालातों से निपटने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने इस जलमार्ग पर अपना कड़ा नियंत्रण करना शुरू कर दिया है। IRGC ने फारस की खाड़ी तक एक नए प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र बनाने की घोषणा की है और उन जहाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है जो आपसी तालमेल नहीं बिठाएंगे। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने पहले ही चेतावनी दी थी कि आर्थिक युद्ध का जवाब समुद्री प्रतिबंध लगाकर दिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि उनकी सेना अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाने की पूरी क्षमता रखती है।
दावों और हमलों का दौर जारी
इस संघर्ष में अब दोनों तरफ से हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। ईरान ने हाल ही में दावा किया कि उसने 10 जहाजों को निशाना बनाया है, जिनमें 2 अमेरिकी जहाज और 8 तेल टैंकर शामिल हैं, साथ ही जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी गईं। इसके विपरीत, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने यह जानकारी दी कि उन्होंने ईरान के 5 कच्चे तेल के टैंकरों को नष्ट कर दिया है, क्योंकि वे अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर हमला करने की कोशिश कर रहे थे। CENTCOM का यह साफ कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें अमेरिकी डिस्ट्रॉयर जहाजों को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी।
राजनयिक प्रयास और स्थानीय स्तर पर असर
क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए अब कूटनीतिक कोशिशें भी तेज हो गई हैं। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इब्राहिम अल हाशमी ने इस जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के दोबारा खोलने को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है। वहीं, इजराइल के इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल Security Studies के विशेषज्ञ डैनी सिट्रिनोविज ने यह चेतावनी दी है कि इस संकट को सुलझाने के लिए किसी भी तरह के सैन्य कदम से हालात और ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। ईरान के अंदरूनी हिस्सों में इस आर्थिक मार का असर साफ दिखाई दे रहा है, जहां बंदर अब्बास के छोटे-बड़े दुकानदार व्यापार रुकने की वजह से लगातार बढ़ रही परेशानियों का सामना कर रहे हैं।