होर्मुज़ जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हमले और माइन धमाके से तनाव बढ़ा

होर्मुज़ जलडमरूमध्य: खाड़ी के इस अहम समुद्री रास्ते पर एक के बाद एक कई घटनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को इस इलाके में एक बड़ी समुद्री घटना की सूचना दी। एजेंसी के मुताबिक, शनिवार 10 अक्टूबर को लगभग 19:20 UTC पर होर्मुज़ से गुजर रहे एक आउटबाउंड टैंकर के पोर्ट साइड (बाईं ओर) से अज्ञात प्रक्षेप्य टकराया, जिससे जहाज़ के इंजन रूम में आग लग गई।
राहत की बात यह है कि टैंकर पर सवार सभी क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं। UKMTO ने घटना के समय किसी पर्यावरणीय नुकसान का पता नहीं चलने की भी जानकारी दी है।
इसी दिन एक और घटना सामने आई। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने एक अलग घटना की जिम्मेदारी ली है, जिसमें शनिवार को एक कच्चे तेल के सुपरटैंकर में समुद्री माइन से टकराने के बाद आग लग गई। IRGC का दावा है कि यह जहाज़ नेविगेशन सिस्टम बंद करके एक अनधिकृत रास्ते से जलडमरूमध्य से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था।
अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाई और भारतीय क्रू का बचाव
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) के अनुसार, शनिवार को एक अमेरिकी फाइटर जेट ने पनामा के झंडे वाले कार्गो जहाज़ 'ओशन मोलिका', जिसकी पहचान 'अरिका सन' के नाम से भी हुई है, को निष्क्रिय कर दिया। कमांड का कहना है कि जहाज़ ने चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया और अमेरिका के नेतृत्व वाली नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की। इस कार्रवाई में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
इन घटनाओं के बीच एक राहत भरी खबर भी है। रास अल ख़ैमा के तट के पास टैंकर MT GEM No. 2 पर एक अलग, अब तक स्पष्ट न हुई घटना के बाद 22 भारतीय क्रू सदस्यों को बचाया गया। हालांकि घटना की विस्तृत वजह अभी सामने नहीं आई है।
ईरानी अधिकारियों ने दोहराया है कि जहाज़ों को तय रास्तों और निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा, और नियम तोड़ने वाले जहाज़ों के खिलाफ आगे और कदम उठाए जा सकते हैं। वहीं UKMTO ने होर्मुज़ से गुजरने वाले सभी जहाज़ों को अत्यधिक सावधानी बरत