ओमान में होने वाली हाई-लेवल मीटिंग हुई पोस्टपोन, ईरान और गल्फ देशों के बीच तनाव बढ़ा.

Sushma Kumari13 September 20263 min read24 viewsOman
ओमान में होने वाली हाई-लेवल मीटिंग हुई पोस्टपोन, ईरान और गल्फ देशों के बीच तनाव बढ़ा.

ओमान की राजधानी में 14 सितंबर 2026 को ईरान और कई गल्फ देशों के बीच होने वाली एक बेहद अहम उच्च स्तरीय बैठक को फिलहाल टाल दिया गया है। इस बात की जानकारी तेहरान और मस्कट दोनों की तरफ से 13 सितंबर 2026 को दी गई है, जिसमें बताया गया कि कई देशों के अनुरोध पर इस मीटिंग को आगे बढ़ाया जा रहा है। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि आपसी सहमति बनाने और बातचीत के लिए सही माहौल तैयार करने के वास्ते इस स्थगन की जरूरत थी।

क्षेत्रीय तनाव और जहाज पर हमला

यह कूटनीतिक झटका ऐसे समय में लगा है जब ओमान के पास हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के एक कार्गो पोत पर हुए हमले के बाद क्षेत्रीय अस्थिरता काफी ज्यादा बढ़ गई है। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार लोग घायल बताए गए हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने इस घटना को आतंकवादी दुश्मन का हमला करार दिया है। बढ़ते तनाव के बीच बहरीन के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि जब तक दोनों देश साल 2016 में टूटे diplomatic संबंधों को फिर से बहाल नहीं करते, तब तक वह ईरान के साथ किसी भी क्षेत्रीय बातचीत में हिस्सा नहीं लेगा। बहरीन ने यह भी साफ कर दिया कि गल्फ इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार हो रहे हमलों के सामने तुष्टीकरण की नीतियों को बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर गहराया विवाद

रणनीतिक जलमार्ग को लेकर दोनों पक्षों के बीच असहमति अभी भी बहुत गहरी बनी हुई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने 13 सितंबर को फिर से यह साफ किया कि कमर्शियल शिपिंग के लिए इस रूट को दोबारा खोलना इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करे। आपको बता दें कि यह समझौता इस साल जून में साइन हुआ था लेकिन बाद में नए सिरे से टकराव शुरू होने के कारण यह ठप पड़ गया। ईरान लगातार जहाजों से ट्रांजिट फीस वसूलने का अधिकार मांग रहा है, जिसका ओमान ने साफ तौर पर विरोध किया है और बहरीन भी इस रूट पर बिना किसी रोक-टोक के आने-जाने की वकालत करता है।

संसद का प्रस्ताव और सुरक्षा के मुद्दे

इससे पहले 6 सितंबर 2026 को ईरानी संसद ने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मंजूरी मिलने की शर्त पर हॉर्मुज जलमार्ग को बंद करने के एक प्रस्ताव का समर्थन किया था। वहीं दूसरी तरफ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी नेवी के कर्नल अली मोहम्मदी ने हाल ही में जलमार्ग पर अमेरिकी दाווों को चुनौती दी और अमेरिकी जहाजों को इस रूट के करीब आने पर चेतावनी दी। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने पहले इस मीटिंग को क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग की तरफ एक पहला कदम बताया था, लेकिन मौजूदा समय में आम सहमति न बनने और समुद्री सुरक्षा के बढ़ते खतरों की वजह से इस उद्देश्य पर पानी फिरता नजर आ रहा है। गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से आने-जाने वाले लोगों के लिए भी समुद्री रास्तों पर इस तरह का तनाव चिंता का विषय बनता जा रहा है क्योंकि इससे व्यापार और सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ सकता है।

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