ओमान और ईरान के बीच बातचीत शुरू, जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगे हटाने पर चल रही है चर्चा

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगों को हटाने के मामले को लेकर इस समय दुनिया भर में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका का यह आकलन बिल्कुल सही हो सकता है कि मुख्य शिपिंग लेन से बारूदी सुरंगों को पूरी तरह साफ कर दिया गया है। इसके बावजूद विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरा जलमार्ग अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हुआ है, जिसकी वजह से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पुरानी स्थिति में नहीं लौट पा रही है।
अमेरिका और ईरान के दावों में बड़ा अंतर
बीती 25 अगस्त 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा ऐलान किया था कि अमेरिकी नौसेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय पानी से सभी बारूदी सुरंगों को हटा दिया है। राष्ट्रपति ने यह भी साफ किया था कि नई सुरंगें बिछाने के खिलाफ सख्त जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है और अमेरिकी स्पेस फोर्स इस इलाके पर लगातार नजर रख रही है। इसके अलावा, एक अमेरिकी अधिकारी ने द जेरूसलम पोस्ट को यह जानकारी दी थी कि यूएस सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने आने-जाने वाले दोनों रास्तों को पूरी तरह साफ कर दिया है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए ज्वाइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर यानी JMIC ने 25 अगस्त को एक एडवाइजरी जारी की। इस एडवाइजरी में अभी भी गंभीर यानी SEVERE खतरे का स्तर बनाए रखा गया है क्योंकि बिना नक्शे वाली सुरंगों का जोखिम बना हुआ है और सफाई का काम अभी भी चल रहा है। इसके साथ ही, ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने 26 अगस्त को अमेरिकी दावों को सरासर प्रचार बताया और चेतावनी दी कि अगर कोई भी अमेरिकी माइंसवीपर दिखा तो उसे निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि यह जलमार्ग अभी भी बंद है और यह तभी खुलेगा जब युद्ध समाप्त हो जाएगा, नाकाबंदी हट जाएगी, यमन में विवाद सुलझ जाएगा और अमेरिका समझौता ज्ञापन का पालन करेगा।
ओमान और ईरान की नई बातचीत
इन तमाम तनावों के बीच ओमान और ईरान के अधिकारियों ने 25 और 26 अगस्त को आपस में लंबी बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य एक अस्थायी गलियारे और संयुक्त रूप से बारूदी सुरंगें हटाने की परियोजना के लिए एक चरणबद्ध रूपरेखा तैयार करना था। ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi ने इस व्यावहारिक व्यवस्था को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है। वहीं, ईरानी अधिकारी घाड़ीबाबादी ने संकेत दिया कि अगले 30 से 60 दिनों के भीतर एक अस्थायी रास्ता शुरू किया जा सकता है, हालांकि इस रास्ते से सैन्य जहाजों को दूर रखा जाएगा।
व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर असर
भले ही अमेरिका ने रास्ते को साफ करने का दावा कर दिया हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही अभी भी बहुत कम है। TankerTrackers की रिपोर्ट के अनुसार, 26 अगस्त को ओमान की खाड़ी में जहाज से जहाज के जरिए लगभग 25 मिलियन बैरल कच्चे और रिफाइंड तेल का ट्रांसफर किया गया। इसके अलावा, 1 अगस्त से 19 अगस्त के बीच केवल 112 तेल और गैस टैंकर ही इस जलडमरूमध्य से गुजर पाए हैं।
इस इलाके की सुरक्षा स्थिति अभी भी बहुत संवेदनशील बनी हुई है। बीती 26 अगस्त को ओमान के तट के पास एक अज्ञात चीज के टकराने से एक तेल टैंकर क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके अलावा, ईरान ने ट्रांजिट नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए 45 जहाजों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। ईरान ने इन जहाजों पर जुर्माना लगाने, उन्हें हिरासत में लेने या उनका सामान जब्त करने की धमकी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संघर्ष के दौरान इनमें से एक तिहाई जहाजों पर पहले ही हमले हो चुके हैं।