हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल जहाजों की आवाजाही बढ़ी, पर तनाव बरकरार

Gautam Sahu30 September 20262 min read0 viewsWorld
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल जहाजों की आवाजाही बढ़ी, पर तनाव बरकरार

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की संख्या में सितंबर 2026 के दौरान भारी उछाल देखा गया है। समुद्री ट्रैकिंग फर्म Kpler के आंकड़ों के अनुसार, 28 सितंबर को दैनिक तेल प्रवाह 12.8 मिलियन बैरल तक पहुंच गया। हालांकि महीने का औसत 10 मिलियन बैरल के करीब रहा है, जो युद्ध से पहले के स्तर के काफी करीब है, लेकिन भू-राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ते बीमा खर्चों ने अभी भी पूरी तरह से सामान्य स्थिति लौटने में बाधा डाल रखी है।

बढ़ता जोखिम और सुरक्षा संबंधी चिंताएं

जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए सुरक्षा जोखिम एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। वर्तमान में, जहाजों के लिए 'वार रिस्क प्रीमियम' (War Risk Premiums) का अनुमान 6% से 9% के बीच है, जबकि कुछ मामलों में यह जहाज के कुल मूल्य का 10% तक पहुंच सकता है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

सुरक्षा की स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 30 सितंबर, 2026 को इस जलमार्ग में एक अज्ञात टैंकर पर किसी अज्ञात वस्तु से हमला हुआ। इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी समूह ने नहीं ली है और अधिकारियों ने अभी तक हताहतों या हमले के स्रोत के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है। इसके बावजूद, अमेरिकी सेंट्रल कमांड प्रतिदिन 17 से 19 टैंकरों को सैन्य एस्कॉर्ट प्रदान कर रहा है, जिससे यातायात सुचारू रूप से चलता रहता है।

कूटनीतिक प्रयास और बातचीत की स्थिति

तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने पुष्टि की है कि कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत अब काफी गंभीर हो गई है।

मुख्य बाधाएं क्या हैं?

  • विश्वास बहाली की योजना: अमेरिका द्वारा प्रस्तावित सात-दिवसीय विश्वास बहाली योजना पर चर्चा जारी है।
  • शर्तों में मतभेद: ईरान चाहता है कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाई जाए, तेल प्रतिबंधों में ढील दी जाए और लेबनान सहित युद्धविराम लागू किया जाए। इन चरणों के क्रम को लेकर दोनों पक्षों में असहमति है।
  • आंतरिक मतभेद: ईरान के भीतर भी राय बंटी हुई है। जहां विदेश मंत्रालय मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, वहीं संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर घालीबाफ ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान की सुरक्षा मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो क्षेत्रीय तेल बुनियादी ढांचे को खतरा हो सकता है।

वैकल्पिक रास्तों का सहारा ले रहे निर्यातक

ईरानी क्रांतिकारी गार्ड्स ने अमेरिका के इस दावे को खारिज कर दिया है कि जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है। उनका तर्क है कि सीमित और गुप्त तेल शिपमेंट को सामान्य वाणिज्यिक वातावरण नहीं माना जा सकता।

इस अनिश्चितता के कारण, खाड़ी देशों के निर्यातक वैकल्पिक लॉजिस्टिक्स का उपयोग कर रहे हैं। इनमें शामिल हैं:

  1. ओमान की खाड़ी में जहाज-से-जहाज (ship-to-ship) ट्रांसफर।
  2. UAE का फुजैराह पाइपलाइन।
  3. सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन, जो यानबू बंदरगाह तक जाती है।

हालांकि ये विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन मानक समुद्री संचालन की तुलना में इनमें लागत अधिक है और दक्षता कम है।

Share:

Comments

Leave a comment