Strait of Hormuz में शिपिंग सबसे निचले स्तर पर, टैंकर हमलों से बढ़ा खतरा

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। भू-राजनीतिक तनाव और टैंकरों पर बढ़ते हमलों ने इस क्षेत्र को बेहद जोखिम भरा बना दिया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, 6 अक्टूबर 2026 को इस जलडमरूमध्य से केवल सात कार्गो जहाज गुजरे, जबकि आमतौर पर यहां रोजाना 20 से अधिक जहाजों का आना-जाना होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की आवाजाही में युद्ध के समय के मुकाबले 27% की गिरावट आई है, जो अब लगभग 10.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गई है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 28 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच कम से कम 12 हमले दर्ज किए गए, जो ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से सबसे अधिक हैं। इसी बीच, 7 अक्टूबर को कतर के उत्तर में एक टैंकर पर कई प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया, जिसमें जान-माल का नुकसान होने की खबर है।
खतरे के बीच करोड़ों की सैलरी और अंतरराष्ट्रीय खींचतान
इस खतरनाक माहौल के कारण जहाजों के चालक दल के सदस्य इस क्षेत्र में जाने से कतरा रहे हैं। फॉरवर्ड सीमैन्स यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने बताया कि जहाज मालिक अब नाखुश क्रू मेंबर्स पर दबाव डाल रहे हैं। कर्मियों को लुभाने के लिए कंपनियां अब भारी भरकम रकम दे रही हैं। टैंकर कैप्टन्स को 1,00,000 डॉलर तक का मासिक वेतन और प्रति ट्रांजिट 50,000 डॉलर का बोनस दिया जा रहा है, जबकि आम नाविकों को उनकी सामान्य सैलरी से चार से छह गुना ज्यादा भुगतान किया जा रहा है।
दूसरी ओर, इस समुद्री मार्ग के नियंत्रण को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के सलाहकार मोहम्मदरेजा नकदी ने दावा किया है कि Strait of Hormuz अब बंद है और पूरी तरह ईरानी सशस्त्र बलों के नियंत्रण में है। उन्होंने "अवैध रास्तों" को ब्लॉक करने की चेतावनी भी दी है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट कहा कि ईरान ने इस जलडमरूमध्य पर अपना पूरा नियंत्रण खो दिया है और वाणिज्यिक शिपमेंट अभी भी अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों की निगरानी में जारी हैं।
राजनयिक स्तर पर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने घोषणा की है कि ईरान और ओमान ने सुरक्षित, दो-तरफा शिपिंग मार्गों के भौगोलिक निर्देशांकों (coordinates) पर एक समझौता किया है, जिसे जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय निकाय के समक्ष पेश किया जाएगा। राहत की बात यह है कि क्षेत्रीय अशांति के बावजूद, ओमान की खाड़ी और लाल सागर के माध्यम से बढ़े हुए वॉल्यूम की वजह से मध्य पूर्व के कच्चे तेल का कुल निर्यात युद्ध-पूर्व स्तर पर बना हुआ है।