Strait of Hormuz Tension: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही कम, ओमान के पास टैंकर पर हमला

खाड़ी देशों के समुद्री इलाकों में तनाव लगातार बना हुआ है और अमेरिका तथा ईरान के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान की वजह से जहाजों की आवाजाही पर बहुत असर पड़ा है। रॉयटर और केप्लर से मिली शिपिंग डेटा रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अगस्त 2026 तक महत्वपूर्ण खाड़ी जलमार्गों पर कम ही कमर्शियल जहाज चल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से इस रास्ते पर यात्रा करने वाले जहाजों की संख्या में काफी कमी आई है, जिससे व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की कम आवाजाही
आंकड़ों के अनुसार, 26 अगस्त को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमोडिटी जहाजों की संख्या सिर्फ 10 दर्ज की गई। हालांकि यह संख्या मंगलवार को दर्ज किए गए आठ जहाजों से थोड़ी ज्यादा है, लेकिन फिर भी यह पिछले 10 दिनों के औसत करीब 15 जहाजों से काफी कम है। वहीं दूसरी तरफ, बाब अल-मदब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले ट्रैफिक में भी लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली है, जहां 26 अगस्त को सिर्फ 19 जहाज गुजरे जबकि उससे पिछले दिन यह संख्या 24 थी।
ओमान के पास टैंकर पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला
समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं उस समय और ज्यादा बढ़ गईं जब 27 अगस्त 2026 को यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने ओमान के खासब के पास हुई एक घटना को लेकर चेतावनी जारी की। इस घटना में एक तेल टैंकर पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल यानी प्रक्षेपास्त्र से हमला किया गया, जिसके बाद उसमें आग लग गई थी। गनीमत यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और उसे बुझा दिया गया। इस हादसे में जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर सुरक्षित बताए जा रहे हैं और स्थानीय अधिकारियों ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह घटना अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस ऐलान के ठीक बाद सामने आई है जिसमें उन्होंने 25 अगस्त को घोषणा की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय पानी से सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को साफ कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने खदान बिछाने पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू करते हुए चेतावनी दी थी कि जो भी जहाज खदान बिछाने की कोशिश करेगा, उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा।
ईरान और ओमान के बीच बातचीत और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी
दूसरी तरफ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत का दौर भी जारी है। 26 अगस्त को ईरान के एक वरिष्ठ सूत्र ने जानकारी दी कि ईरान और ओमान अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य और उससे जुड़ी आमदनी को आपस में बांटने के समझौते की शर्तों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। हालांकि, ईरान के उप विदेश मंत्री ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका अपना नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता, युद्ध समाप्त नहीं करता, मुआवजा नहीं देता और प्रतिबंधों को वापस नहीं लेता, तब तक यह जलमार्ग पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा।
इस बीच अमेरिकी नौसेना की ताकत अरब सागर में पूरी तरह तैनात है, जहां यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन और यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश जैसे कैरियर स्ट्राइक ग्रुप लगातार काम कर रहे हैं। कतर इस पूरे मामले में बड़ी कूटनीतिक चर्चाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, इंटरनेशनल मैरीनो ऑर्गेनाइजेशन के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने 26 अगस्त को बताया कि अदन की खाड़ी में फिर से समुद्री डकैती बढ़ने की वजह से 90 से ज्यादा नाविक बंधक बन चुके हैं, जिससे क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा की स्थिति और ज्यादा पेचीदा हो गई है।