Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर लगा ब्रेक, क्षेत्रीय तनाव के कारण नौकायन में भारी गिरावट।

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और सैन्य टकराव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला समुद्री व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। गुरुवार, 4 सितंबर 2026 को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से केवल चार जहाज ही गुजर पाए, जो सामान्य दिनों के मुकाबले बेहद कम संख्या है। इस स्थिति ने खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों और कामगारों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि सप्लाई चेन प्रभावित होने से रोजमर्रा की चीजों और आर्थिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्रीय संकट लगातार गहराता जा रहा है और सुरक्षा हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
सऊदी अरब के tanker पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
यह पूरा विवाद 31 अगस्त को सऊदी अरब के झंडे वाले टैंकर 'Sidr' पर हुए हमले के बाद और ज्यादा भड़क गया। इस खतरनाक हमले में फिलिपिन्स के दो क्रू मेंबर्स की जान चली गई, जिसके बाद खाड़ी देशों के सुर सख्त हो गए हैं। UAE के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन बताया है। इसके अलावा कतर और कुवैत ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। कुवैत ने सीधे तौर पर ईरानी आक्रामकता का जिक्र करते हुए बताया कि उनके देश की एयर डिफेंस ने हाल ही में कई खतरनाक मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही रोक दिया था।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और समुद्री नाकेबंदी
क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने अपनी नौसेना की ताकत को काफी बढ़ा दिया है। 1 सितंबर को अमरीकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता और कम्युनिकेशन सेंटर्स को निशाना बनाकर कई हमले किए। गुरुवार तक मिले आंकड़ों के मुताबिक अमरीकी सेना द्वारा चलाई जा रही इस समुद्री नाकेबंदी के कारण 87 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदलना पड़ा है, तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दो जहाजों पर चढ़कर जांच की गई है। दूसरी तरफ ईरान के Persian Gulf Strait Authority ने नियमों का पालन न करने के आरोप में कुल 56 जहाजों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और चेतावनी दी है कि जो भी संस्थाएं इन जहाजों का साथ देंगी, उन्हें भी कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर गंभीर असर
युद्ध जैसे हालात और भारी-भरकम बीमा प्रीमियम यानी war-risk insurance premiums के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य कमर्शियल जहाजों के लिए लगभग बंद हो चुका है। हालांकि सऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर शांति बनाए रखने, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और फिर से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है, लेकिन फारस की खाड़ी में जहाजों की कुल संख्या 28 अगस्त को 4,204 से घटकर 2 सितंबर तक केवल 3,447 पर आ गई है। G20 देशों के वित्त मंत्रियों ने भी इस जलमार्ग से सुरक्षित और मुफ्त आवाजाही की मांग की है। समुद्री मामलों के जानकारों का कहना है कि वास्तविक ट्रैफिक रिपोर्ट किए गए आंकड़ों से भी कम हो सकता है, क्योंकि कई जहाज इस खतरनाक रास्ते से निकलते वक्त पकड़े जाने के डर से अपने ट्रांसपोंडर बंद कर रहे हैं।