Strait of Hormuz में नेवल माइन्स की चपेट में आने से दो तेल सुपरटैंकरों में लगी आग, ईरान के IRGC ने किया दावा

तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि Strait of Hormuz में नेवल माइन्स की चपेट में आने से दो तेल सुपरटैंकरों में भीषण आग लग गई है। IRGC के मुताबिक पहली घटना शुक्रवार शाम 16 अक्टूबर 2026 को हुई और दूसरी घटना शनिवार सुबह 17 अक्टूबर 2026 को घटी।
बताया गया है कि धमाकों के समय दोनों टैंकरों में करीब-करीब दो मिलियन बैरल कच्चा तेल लदा हुआ था। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि इन जहाजों ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया और अवैध रूप से Strait of Hormuz से गुजरने की कोशिश की।
IRGC ने यह भी आरोप लगाया कि समुद्री अधिकारियों को धोखा देने के लिए टैंकरों ने अपने रडार और पोजिशनिंग सिस्टम बंद कर दिए थे। इसके अलावा यह दावा भी किया गया कि इनमें से कम से कम एक जहाज अमेरिका के समर्थन से इस जलमार्ग को पार करने की कोशिश कर रहा था।
ईरान ने इन टैंकरों के मूल देश या उनके झंडों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। साथ ही हताहतों की संख्या या पर्यावरण पर पड़ने वाले असर के बारे में भी कुछ नहीं बताया गया है। हालांकि, IRGC ने सभी समुद्री यातायात को सख्त चेतावनी जारी की है।
कॉर्प्स ने कहा कि 28 फरवरी 2026 से Strait की बंदी की अनदेखी करने वाले लोग अमेरिकी आतंकवादी सेना पर भरोसे की आग में जलेंगे। फिलहाल इन घटनाओं को लेकर IRGC के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
क्षेत्र में तनाव के बीच 14 अक्टूबर 2026 को भी एक ड्राई बल्क कैरियर और एक कंटेनर जहाज प्रोजेक्टाइल्स की चपेट में आने से डूब गए थे। फरवरी 2026 के अंत में Strait पर नियंत्रण करने के बाद ईरान ने सभी गुजरने वाले जहाजों के लिए अनुमति अनिवार्य कर दी है। ईरान का कहना है कि यह कदम अमेरिकी प्रतिबंधों और उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी का जवाब है। दूसरी ओर, अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगी इस अधिकार को खारिज करते हुए नेविगेशन की स्वतंत्रता का समर्थन कर रहे हैं।