Strait of Hormuz में टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला, दो क्रू मेंबर घायल.

होरमुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला होने की खबर सामने आई है। इस घटना में दो क्रू मेंबर को मामूली चोटें आई हैं और सैन्य अधिकारी इस पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं। समुद्री सुरक्षा को लेकर काम करने वाली एजेंसी UKMTO ने इस बात की पुष्टि की है कि यह घटना 21 सितंबर 2026 को सुबह 07:30 UTC पर हुई थी। हमले के बावजूद जहाज अभी पूरी तरह से अपने नियंत्रण में है और बिना किसी बाहरी मदद के अपने अगले गंतव्य की ओर बढ़ रहा है। राहत की बात यह है कि इस घटना के बाद पर्यावरण को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचने की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
समुद्री सुरक्षा और यूकेएमटीओ की चेतावनी
इस ताजा हमले के बाद ब्रिटिश समुद्री एजेंसी UKMTO ने क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। एजेंसी ने सभी नौकाओं और जहाजों को इस इलाके में अत्यधिक सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा खतरे का स्तर गंभीर बता दिया गया है, क्योंकि लगातार कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है और उन पर हमले की कोशिशें जारी हैं। एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में शिपिंग ट्रैफिक अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी नीचे चल रहा है, जिससे व्यापार और परिवहन पर असर पड़ रहा है। पिछले 72 घंटों के भीतर कम से कम तीन ऐसी घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिसमें 18 सितंबर को हुआ एक टैंकर अग्निकांड भी शामिल है।
तनाव और अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे तनाव और नौसेना की गतिविधियों के बीच हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। इसी दिन यानी 21 सितंबर 2026 को U.S. Central Command यानी CENTCOM ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी को लागू करने के लिए 109 कमर्शियल जहाजों को दूसरे रूट पर मोड़ने की घोषणा की थी। यह नाकेबंदी 14 जुलाई को फिर से शुरू की गई थी। इस बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को बड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है, साथ ही ईरानी राष्ट्रपति Masozh Pezeshkian के साथ कूटनीतिक बातचीत के रास्ते भी खुले रखने की बात कही है। दूसरी ओर, कतर की मध्यस्थता के जरिए ईरानी सुरक्षा प्रमुख Mohsen Rezaei ने संघर्ष को समाप्त करने के लिए अपनी कुछ शर्तें रखी हैं, जिसमें शत्रुता समाप्त करने, फ्रीज किए गए फंड को जारी करने और नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने की मांग शामिल है।