Strait of Hormuz Attack: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर बड़ा हमला, दो नाविकों की मौत से खलबली.

खाड़ी देशों के समुद्री इलाके में सुरक्षा को लेकर एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे सऊदी अरब के एक कच्चे तेल के tanker पर रात के वक्त हमला हो गया। इस खतरनाक घटना में फिलीपींस के दो नाविकों की जान चली गई। सऊदी नेशनल शिपिंग कंपनी Bahri ने इस दुखद हादसे की पुष्टि की है। यह घटना 31 अगस्त 2026 की रात को लगभग 11:40 बजे स्थानीय समय के मुताबिक हुई, जब जहाज अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रहा था।
जहाजों पर अज्ञात मिसाइलों और हथियारों से हमला
सऊदी कंपनी का यह जहाज जिसका नाम SIDR (IMO नंबर 9854715) है, कच्चे तेल को लेकर जा रहा था। हमले के बाद कंपनी ने तुरंत स्थानीय अधिकारियों और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाना शुरू कर दिया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले में किस हथियार का इस्तेमाल किया गया था और इसके पीछे किसका हाथ था। इसी रात को एक दूसरा जहाज भी इसी रास्ते पर खतरे की जद में आ गया। लाइबेरिया के झंडे वाला कच्चा तेल ले जाने वाला टैंकर जिसका नाम SENEGAL PROSPERITY था, उसे भी निशाना बनाया गया।
समुद्री सुरक्षा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दूसरे जहाज पर तीन अज्ञात प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइलनुमा चीजों से वार किया गया। इस हमले की वजह से जहाज के इंजन रूम और बेलास्ट टैंक को काफी नुकसान पहुंचा। साथ ही, कुछ समय के लिए जहाज का संपर्क भी टूट गया था। गनीमत यह रही कि इस दूसरे जहाज पर सवार सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। ये दोनों जहाज सऊदी अरब के Juaymah टर्मिनल से करीब 20 लाख बैरल सऊदी कच्चा तेल लेकर निकले थे। समुद्री जोखिम मामलों की कंपनी Marisks ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उस रात इस इलाके में दोनों जहाजों को नुकसान उठाना पड़ा था।
भारतीय नाविकों और वैश्विक व्यापार के लिए चेतावनी
होर्मुज जलडमरूमध्य में इस तरह लगातार बढ़ रही अशांति से दुनिया भर में तेल की सप्लाई और मरीन इंश्योरेंस बाजार पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि SIDR जहाज पर हुई इस घटना में किसी भी भारतीय नाविक के हताहत होने की खबर नहीं है। फिर भी खाड़ी के इस इलाके में मची उथल-पुथल भारत के उन नाविकों और समुद्री कामगारों के लिए चिंता का विषय बन गई है जो इन रास्तों से सफर करते हैं। इस स्थिति को देखते हुए International Maritime Organization ने सभी कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी है। संगठन ने कहा है कि कंपनियां अत्यधिक सावधानी बरतें और अपने क्रू मेंबरों को किसी भी खतरनाक जोन में जोखिम में न डालें।
जो भारतीय नाविक इन पानी के रास्तों से गुजरते हैं, उन्हें सख्त सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों, यात्रा के जोखिम आकलन और जहाज के कप्तान के आदेशों का पूरी तरह पालन करें। अगर कभी कोई आपातकालीन स्थिति पैदा होती है, तो परिवारों से कहा गया है कि वे तुरंत क्रूइंग कंपनियों या शिप मैनेजरों से संपर्क करें। इसके अलावा मदद के लिए विदेश मंत्रालय की MADAD शिकायत प्रणाली और संबंधित भारतीय दूतावासों या महावाणिज्य दूतावासों के आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।