Strait of Hormuz में टैंकर में लगी आग, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हाल ही में स्ट्रेट ऑफ हार्मुज (Strait of Hormuz) से गुजर रहे एक कमर्शियल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसके बाद जहाज में भयंकर आग लग गई। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं, लेकिन जहाज को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
ईरान का दावा और बढ़ता सैन्य जमावड़ा
इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। IRGC ने 'Trend' नामक ऑयल टैंकर को निशाना बनाने की बात स्वीकार करते हुए इसे अवैध आवाजाही करार दिया है। इस क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें आ रही हैं, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
इस बिगड़ते सुरक्षा माहौल का जवाब देने के लिए अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने का फैसला किया है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को मजबूत करने के लिए विमानवाहक पोत 'USS Theodore Roosevelt' और एक अतिरिक्त मरीन डिवीजन को तैनात किया जा रहा है। अनुमान है कि नवंबर के अंत तक इस क्षेत्र में तीन एयरक्राफ्ट कैरियर और दो एम्फिबियस ग्रुप तैनात होंगे।
राजनयिक प्रयास विफल और आगे की आशंकाएं
दूसरी ओर, कूटनीतिक स्तर पर तनाव को कम करने के प्रयास फिलहाल विफल साबित हो रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रूप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई के विकल्प खुले हैं। इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री द्वारा रखे गए प्रस्ताव को अमेरिका ठुकरा चुका है, जिसमें जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने की बात कही गई थी, बशर्ते अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाई जाए और तेल प्रतिबंधों से छूट मिले।
बढ़ते तनाव और जहाजों पर हमलों के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। दुनिया भर की निगाहें अब इस सामरिक जलमार्ग पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में कूटनीति जीतती है या संघर्ष।