Strait of Hormuz तनाव बढ़ा, ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी और ओमान के साथ किया नया समझौता.

फारस की खाड़ी और Strait of Hormuz में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के नौसैनिक जहाजों को इस रास्ते के पास आने पर कड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के किसी भी दावे को नहीं मानता है। इस बीच कई समुद्री हमलों की वजह से हालात और भी ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।
समुद्री हमलों और हिंसक घटनाओं का दौर
13 सितंबर 2026 को यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने जानकारी दी कि Strait of Hormuz से गुजर रहे एक जहाज पर किसी अज्ञात चीज से हमला हुआ। इस हमले में जहाज के क्रू और नुकसान को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। इसी दिन क्यूशम द्वीप के पास ईरान के एक कमर्शियल जहाज पर भी हमला हुआ जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नागरिक ठिकानों और जरूरी सामानों को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के सामने सात शर्तें रखी हैं जिनके पूरा होने पर ही इस रास्ते को खोलने पर विचार किया जाएगा।
ओमान के साथ हुआ नया समझौता और रूट में बदलाव
ईरान और ओमान ने Strait of Hormuz के लिए आने-जाने के नए रास्तों पर सहमति बना ली है। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि खाड़ी में आने वाला नया रास्ता पूरी तरह से ईरान के समुद्री क्षेत्र में होगा और इसे तेहरान द्वारा मैनेज किया जाएगा। नया सिस्टम चालू होने के बाद पुराने दक्षिणी रास्ते को बंद कर दिया जाएगा। हालांकि ईरान की सात मांगें पूरी होने तक यह रास्ता फिलहाल बंद ही रहेगा। गल्फ देशों के विदेश मंत्री 14 सितंबर को ओमान के सलालाह में ईरानी समकक्ष से मुलाकात करेंगे ताकि जहाजों के आने-जाने के लिए कोई अस्थायी व्यवस्था बनाई जा सके, हालांकि इस बैठक में किसी बड़े समझौते की उम्मीद नहीं है।
सैन्य झड़पें और क्षेत्रीय तनाव
हाल ही में 7 सितंबर से 12 सितंबर के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर पहुंच गया था। 11 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उन्होंने Strait of Hormuz के पास ईरान के चार ड्रोन गिराए हैं क्योंकि वे खतरा बन रहे थे। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के तटीय रडार ठिकानों पर हमले किए। ईरान के IRGC ने भी अमेरिकी ड्रोन पर हमला करने का दावा किया। इसके अलावा 9 सितंबर को ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने ऐलान किया था कि बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र में आने वाले जहाजों पर कार्रवाई की जाएगी। ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने जॉर्डन के अमेरिकी अल अजराक एयरबेस को मिसाइल से निशाना बनाया है। इस पूरी स्थिति की अधिक जानकारी के लिए आप US Department of Transportation की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। ईरान का कहना है कि वह संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के नियमों से बंधा नहीं है और अब वह अपने नए फारस खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (PGSA) के नियमों के तहत काम करेगा।