Strait of Hormuz में फिर बढ़ा तनाव, अमेरिका और ईरान आमने-सामने, जानिए क्या है पूरा मामला.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और दोनों तरफ से लगातार दावे किए जा रहे हैं। 30 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें सामने आईं कि ईरान ने ओमान के समुद्री इलाके में अमेरिकी जहाजों की तरफ एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें दागी हैं। हालांकि किसी भी आधिकारिक सूत्र ने इस बात की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस पानी वाले रास्ते पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और दुनिया भर की नजरें इस पर टिकी हुई हैं।
अमेरिका और व्हाइट हाउस का दावा
29 अगस्त 2026 को अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM और व्हाइट हाउस ने एक बार फिर साफ किया कि इस रास्ते पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण बना हुआ है। CENTCOM के प्रमुख Admiral Brad Cooper ने जानकारी दी कि अमेरिकी सैनिकों ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC द्वारा बिछाए गए समुद्री बारूदी सुरंगों को सफलता पूर्वक हटा दिया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, जुलाई में शुरू हुई नाकाबंदी के बाद से अमेरिका ने लगभग 1,500 कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा प्रदान की है और ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह से रोक रखा है। इस बारे में अधिक जानकारी White House Release पर देखी जा सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी 27 अगस्त को बयान दिया था कि अमेरिका ने कड़ा पहरा बैठा रखा है और ईरान आने-जाने वाले 75 जहाजों का रास्ता बदला गया है।
ईरान का पक्ष और जवाबी बयान
दूसरी तरफ, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। 30 अगस्त को ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने कहा कि यह समुद्री रास्ता अभी भी बंद है और जो भी जहाज इस इलाके से गुजरेगा उसे तेहरान से अनुमति लेनी ही होगी। IRGC ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी अधिकारी ग्लोबल एनर्जी मार्केट की कीमतों को प्रभावित करने के लिए झूठी खबरें फैला रहे हैं और असली नियंत्रण ईरान के पास ही है। खबर यह भी है कि ईरान और ओमान ने एक अस्थायी समुद्री गलियारे पर बातचीत की है, लेकिन तेहरान का कहना है कि यह तभी लागू होगा जब अमेरिका इस्लामाबाद समझौते के तहत अपनी बातें पूरी करेगा।
समुद्री सुरक्षा और हालिया घटनाएं
इस इलाके में सुरक्षा की स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है। 27 अगस्त को यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने बताया कि 25 अगस्त को ओमान के खासब के पास एक तेल के टैंकर पर किसी अज्ञात चीज से हमला हुआ था। गनीमत यह रही कि जहाज पर सवार सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं, लेकिन हमले की असल वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इसके अलावा, ईरान ने दावा किया कि उसने 27 अगस्त को भारत के एक टैंकर Haana को रोका था और चेतावनी मिलने के बाद वह जहाज वापस लौट गया। हालांकि 30 अगस्त को मिसाइल हमले की बात की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दोनों देश किसी भी बड़ी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं।