Strait of Hormuz: हॉर्मूज जलडमरूमध्य से तेल सप्लाई छह महीने के उच्चतम स्तर पर, तनाव बरकरार.

फारस की खाड़ी और हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कच्चे तेल, कार्गो और तरल प्राकृतिक गैस यानी LNG के परिवहन में पिछले कुछ हफ्तों में बड़ा उछाल देखा गया है। अमेरिका के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने यह जानकारी दी है कि पिछले दो हफ्तों में इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों का वॉल्यूम पिछले छह महीनों में सबसे ज्यादा स्तर पर पहुंच गया है। इस रास्ते से यात्रा करने वाले लोगों और व्यापार से जुड़े कारोबारियों के लिए यह एक राहत भरी खबर है, हालांकि इलाके में सुरक्षा को लेकर हालात अभी भी काफी संवेदनशील बने हुए हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा हमेशा से एक बड़ा विषय रही है।
अमेरिकी सेना का बयान और सुरक्षा इंतजाम
CENTCOM के प्रमुख Admiral Brad Cooper ने मीडिया को बताया कि अमेरिकी बलों ने पिछले कुछ महीनों में इस जलमार्ग से 1 अरब बैरल से ज्यादा कच्चे तेल के परिवहन को सुगम बनाया है। इसके साथ ही अमेरिकी सेना ने समन्वित सुरक्षा प्रदान करते हुए 2,000 से अधिक कमर्शियल जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रूप से पूरा कराया है। कूपर ने यह भी पुष्टि की कि मुख्य नेविगेशन लेन को खानों यानी समुद्री माइंस से पूरी तरह साफ कर दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी नाकाबंदी की वजह से ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह से शून्य बैरल पर लाया गया है।
समुद्र में सुरक्षा को लेकर लगातार खतरे
बढ़े हुए ट्रांजिट वॉल्यूम के बावजूद इस क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं कम नहीं हुई हैं। UK मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने रिपोर्ट दी कि 18 सितंबर 2026 को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल यानी प्रक्षेपास्त्र के लगने से एक टैंकर में आग लग गई थी, जिसे बाद में बुझा लिया गया। इससे ठीक पहले 16 सितंबर को भी एक घटना हुई थी। इसके अलावा, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने 19 सितंबर को यह दावा किया कि उन्होंने टोगो के झंडे वाले एक तेल टैंकर को अवैध मार्ग का प्रयास करने के कारण निशाना बनाया है। इस अमेरिकी नाकाबंदी के चलते ईरानी बंदरगाहों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे 105 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है।
ईरान की ओर से पाबंदियां और शिपिंग कंपनियों का ردعمل
ये बढ़ते तनाव ईरान के उस ऐलान के बाद शुरू हुए जब ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने फारस की खाड़ी में एक प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की योजना की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि हॉर्मूज जलमार्ग ईरानी नियंत्रण के तहत पूरी तरह से बंद है। ईरानी संस्था पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी के पास 56 प्रतिबंधित जहाजों की सूची है और ईरान ने कार्गो मूल्य का 5 से 7 प्रतिशत तक ट्रांजिट शुल्क के रूप में मांग की है। इन बढ़ते जोखिमों और बीमा प्रीमियम तथा क्रू रिस्क मुआवजे को पूरा करने के लिए शिपिंग कंपनी Maersk ने प्रति कंटेनर 1,000 अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त सरचार्ज लगाने की घोषणा की है, हालांकि कंपनी ने संघर्षविराम की संभावित रिपोर्टों का स्वागत भी किया है। इस रणनीतिक जलमार्ग में नेविगेशन की स्वतंत्रता को फिर से शुरू करने के लिए ओमान और जर्मनी के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है।