Strait of Hormuz पर अमेरिका का बड़ा एक्शन, 109 जहाजों को किया गया डायवर्ट.

होरमुज जलडमरूमध्य में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां अमेरिकी सेना ने सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। United States Central Command (CENTCOM) ने रविवार, 20 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रूप से दूसरी दिशा में भेजा है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरान पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और नाकाबंदी के बाद से यह कार्रवाई लगातार जारी है ताकि समुद्री नियमों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
कमांडो और नौसेना की कड़ी निगरानी
सेंटकॉम के कमांडर Admiral Brad Cooper ने शनिवार, 19 सितंबर को बताया कि अमेरिकी बलों ने अब तक एक अरब बैरल से ज्यादा तेल के सुरक्षित परिवहन को संभव बनाया है। इसके अलावा, युद्धपोत USS John Paul Jones (DDG 53) जैसे नौसैनिक संसाधनों ने पिछले दो महीनों में इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले 2,000 से अधिक कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा प्रदान की है। एडमिरल कूपर ने इस बात की भी पुष्टि की कि क्षेत्र के मुख्य ट्रांजिट लेन को खानों (mines) से पूरी तरह साफ कर दिया गया है ताकि आवाजाही में कोई बाधा न आए।
ईरान का कड़ा विरोध और दावे खारिज
अमेरिका के इन दावों पर तेहरान की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने दो टूक शब्दों में कहा कि होरमुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक ईरान की सभी शर्तों को पूरा नहीं किया जाता और अमेरिकी प्रतिबद्धताओं का सम्मान नहीं होता। इसके अलावा, ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Abolfazl Shekarchi ने सेंटकॉम की रिपोर्ट को पूरी तरह झूठा और हास्यास्पद करार दिया। उन्होंने इसे अमेरिकी सैन्य खर्च को सही ठहराने और अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए चलाया गया एक विफल मनोवैज्ञानिक अभियान बताया। ईरानी अधिकारियों का साफ कहना है कि इस क्षेत्र का परिचालन नियंत्रण पूरी तरह से उनके सशस्त्र बलों के हाथों में है।
राजनीतिक मोर्चे पर नई हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 20 सितंबर 2026 को बयान दिया कि वह आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के साथ संभावित बैठक के लिए खुले हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह इस समय ईरान के मामले में निर्णय लेने की स्थिति में हैं और आने वाले दिनों में क्षेत्र में कुछ बड़े विकास देखने को मिल सकते हैं। इस बढ़ते तनाव का असर खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और यात्रा करने वाले आम लोगों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से पड़ रहा है, क्योंकि समुद्री मार्ग बंद होने से व्यापार और ईंधन की कीमतों पर असर की आशंका बनी रहती है।