हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला, बढ़ता क्षेत्रीय तनाव बढ़ा चिंता

Gautam Sahu30 September 20262 min read1 viewWorld
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला, बढ़ता क्षेत्रीय तनाव बढ़ा चिंता

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हाल ही में हुई घटनाओं ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर खतरे की घंटी बजा दी है। मंगलवार, 29 सितंबर को अज्ञात प्रोजेक्टाइल्स (प्रक्षेप्य) के जरिए कई जहाजों को निशाना बनाया गया, जिसमें एक कच्चे तेल का टैंकर और एक एलएनजी (LNG) टैंकर भी शामिल हैं। इस हमले के बाद समुद्री अधिकारियों ने क्षेत्र के लिए खतरे का स्तर बढ़ाकर "गंभीर" (Severe) कर दिया है।

एक के बाद एक हमले: जहाजों को पहुंचा नुकसान

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) की रिपोर्ट के अनुसार, हमलों में शामिल कच्चे तेल के टैंकर के पोर्ट साइड में काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, 28 सितंबर की एक पिछली घटना का भी खुलासा हुआ है, जिसमें एक मर्चेंट जहाज पर प्रोजेक्टाइल गिरने से आग लग गई थी, जिसे बाद में बुझा दिया गया।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इन हमलों ने इस क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और अधिक गहरा कर दिया है। हालिया घटनाओं की श्रृंखला में निम्नलिखित बातें सामने आई हैं:

  • अज्ञात हमलावर: जहाजों पर हुए हमलों के लिए किसी विशेष समूह का नाम अभी तक स्पष्ट नहीं है।
  • बढ़ता खतरा: समुद्री अधिकारियों ने जहाजों को अत्यधिक सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है।
  • ऐतिहासिक संदर्भ: इससे पहले 14 सितंबर को अमेरिकी मरीन से लदे एक जहाज पर भी हमला हुआ था, जिसकी रिपोर्ट पहले नहीं दी गई थी।

ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक खींचतान

एक तरफ जहां हमले बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक बातचीत भी जारी है। कतर इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। दोनों देश सात दिनों के युद्धविराम और जलडमरूमध्य को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने की योजना पर चर्चा कर रहे हैं।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने स्वीकार किया है कि ईरानी बल "दैनिक सैन्य संघर्ष" में शामिल हैं। उन्होंने छोटे जहाजों को निशाना बनाने और जलडमरूमध्य के रास्ते में बाधा डालने की बात भी कही है। वर्तमान में, ईरानी अधिकारी अमेरिका द्वारा दिए गए एक नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं।

क्षेत्रीय प्रभाव और सुरक्षा चिंताएं

इस तनाव का असर क्षेत्र के विभिन्न देशों के जहाजों पर पड़ रहा है। हाल के दिनों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों, सऊदी ध्वज वाले तेल टैंकर 'सिद्र' और कतरी स्वामित्व वाले टैंकरों के शामिल होने की खबरें भी आई हैं। ओमान की रॉयल नेवी ने भी हालिया समुद्री घटनाओं के दौरान सहायता प्रदान की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति नहीं सुधरी, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।

Share:

Comments

Leave a comment