सूडान में भीषण हमला, साउथ कोर्डोफन स्टेट में SPLM-N की हिंसा में महिलाओं और बच्चों समेत 26 लोगों की मौत

सूडान के साउथ कोर्डोफन स्टेट में हिंसा का एक बहुत ही बड़ा मामला सामने आया है, जहां पर सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ यानी SPLM-N के हमलों में कम से कम 26 लोगों की जान चली गई है। इस खतरनाक हमले में महिलाओं और छोटे-छोटे बच्चों को भी नहीं छोड़ा गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित जगहों की तरफ भागने को मजबूर हो गए हैं।
दो अलग-अलग जगहों पर हुआ खूनी खेल
सुडान डॉक्टर्स नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, यह दर्दनाक हिंसा गुरुवार दोपहर से लेकर शुक्रवार 5 सितंबर 2026 की सुबह तक दो अलग-अलग घटनाओं में हुई। पहले हमले में गुरुवार को Debi और Luwairi इलाकों को निशाना बनाया गया, जो कि Kauda के दक्षिण और पश्चिम में स्थित हैं। इन जगहों पर मुख्य रूप से अतोरो कबीले के लोग रहते हैं। Debi के एक ग्रामीण अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने बताया कि उन्होंने अस्पताल में 20 से ज्यादा शवों को संभाला और 11 घायल लोगों का इलाज किया। सुडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने इस क्रूर हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अगस्त के आखिर में हुए संघर्ष विराम समझौते का खुला उल्लंघन बताया है।
डिलिंग शहर में हुई तोप से गोलाबारी
इसके ठीक बाद शुक्रवार की सुबह को डिलिंग शहर में एक और बड़ा हमला हुआ, जहां रिहायशी इलाकों पर तोप से गोले दागे गए। एक प्रत्यक्षदर्शी और सुडान डॉक्टर्स नेटवर्क के अनुसार, इस गोलाबारी में एक बच्चे समेत 5 लोगों की मौत हो गई और 7 से ज्यादा लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। डिलिंग शहर साउथ कोर्डोफन का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, जो पिछले दो सालों से लगातार घेराबंदी का सामना कर रहा है। हालांकि सूडानी सशस्त्र बलों ने 26 जनवरी को सप्लाई रूट को फिर से खोल दिया था, लेकिन इसके बाद से भी यहां लगातार हमले हो रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन
सुडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने साफ तौर पर कहा है कि यह हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और आम नागरिकों को मिलने वाली सुरक्षा के नियमों के खिलाफ हैं। गौरतलब है कि SPLM-N ने फरवरी 2025 में रैपिड सपोर्ट फोर्सेस के साथ मिलकर एक समझौता किया था, लेकिन अभी तक उनकी तरफ से इन ताजा हमलों को लेकर कोई भी आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। अप्रैल 2023 में शुरू हुआ सूडान का यह गृहयुद्ध अब अपने चौथे साल में चल रहा है, जिसकी वजह से हजारों बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग अपने घरों से बेघर हो चुके हैं। वर्तमान हालात यह हैं कि लगातार खराब हो रही स्थिति की वजह से आम नागरिक इन खतरनाक इलाकों से लगातार पलायन कर रहे हैं।