Strait of Hormuz: हॉर्मूज जलडमरूमध्य में नौसेना की माइंस से टकराकर सुपरटैंकर में लगी भीषण आग, मचा हड़कंप.

खाड़ी देशों के समुद्री इलाके में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा तनाव पैदा हो गया है। 31 अगस्त 2026 को हॉर्मूज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में एक बड़े सुपरटैंकर में दो नौसेना की माइंस यानी जलू खदानों से टकराने के बाद भयानक आग लग गई। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने ईरान के सरकारी टीवी के माध्यम से इस पूरी घटना की जानकारी दी है। इस घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी देखी जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में ईंधन के दामों पर असर पड़ सकता है।
घटना की पूरी जानकारी और IRGC का बयान
ईरान की सैन्य ताकत IRGC ने दावा किया कि यह अज्ञात जहाज दक्षिणी मार्ग से गुजरते हुए waterway के नियमों का अवैध रूप से उल्लंघन कर रहा था। सैन्य बल ने चेतावनी दी है कि जलडमरूमध्य में सभी जहाजों को उनके ट्रांजिट नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा। यदि कोई भी जहाज सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस हादसे में जहाज की पहचान या उस पर सवार क्रू मेंबर यानी नाविकों की स्थिति के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है तनाव
यह घटना क्षेत्र में चल रहे पिछले कई दिनों के तनाव का ही एक हिस्सा है। इससे ठीक एक दिन पहले यानी 30 अगस्त 2026 को अमेरिकी बलों ने लारक द्वीप के पास ईरान के उन रॉकेट लॉन्चरों पर हमले किए थे जो कथित तौर पर नौसेना की माइंस बिछाने की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद से IRGC ने इन हमलों का बदला लेने की कसम खाई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर ब्रैड कूपर ने 27 अगस्त को दावा किया था कि इस जलमार्ग से माइंस हटाने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, लेकिन इसके बावजूद ज्वाइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर यानी JMIC ने 30 अगस्त को कमर्शियल शिपिंग यानी व्यापारिक जहाजों को बहती हुई या बिना नक्शे वाली माइंस के खतरे को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी दी थी। इसके बाद ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन विभाग यानी UKMTO ने भी सभी जहाजों को सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी है।
समुद्री रास्तों पर लगातार हो रहे हैं हमले
पिछले कुछ दिनों में इस इलाके में जहाजों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 27 अगस्त को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल या गोले के हमले के बाद एक तेल टैंकर में आग लग गई थी। इसी हफ्ते ईरान ने ट्रांजिट नियमों के कथित उल्लंघन के आरोप में 45 टैंकरों को ब्लैकलिस्ट करने की बात कही थी। इसके अलावा 25 अगस्त को अल सलाम II और 24 अगस्त को लाइबेरिया के झंडे वाले अफ्रामैक्स मेट्रो वेनेटियन जहाज पर भी हमले हुए थे। वहीं 29 अगस्त को भी एक टैंकर के किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से टकराने की खबर आई थी, जिससे साफ पता चलता है कि खाड़ी देशों के समुद्री रास्तों पर सफर करना इन दिनों कितना खतरनाक हो गया है। इन लगातार घटनाओं से खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बनता जा रहा है।