सीरिया के अलेप्पो में हुए ताबड़तोड़ धमाके, गोला-बारूद डिपो को बनाया गया निशाना.

सीरिया के उत्तरी इलाके से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां सोमवार तड़के जोरदार धमाकों से पूरा क्षेत्र थर्रा उठा। अलेप्पो के दक्षिणी ग्रामीण इलाके में स्थित अल-ईस में एक के बाद एक कई सिलसिलेवार विस्फोट हुए हैं। इन धमाकों की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह धमाके काफी भीषण थे और इनकी वजह से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इन हमलों का मुख्य निशाना सीरियाई रक्षा मंत्रालय का गोला-बारूद डिपो था, जहां हथियारों का बड़ा जखीरा रखा हुआ था।
सैन्य ठिकाने पर हमला और शुरुआती धमाका
घटना की शुरुआत सोमवार तड़के हुई जब पहला बड़ा धमाका अल-ईस के पास मौजूद एक सैन्य ठिकाने पर हुआ। इस पहले विस्फोट के तुरंत बाद ही रुक-रुक कर और भी कई धमाके होने लगे। सीरिया अरब न्यूज एजेंसी यानी सना (SANA), सीरिया के सरकारी टेलीविजन चैनल अल-इखबारिया और अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट्स के अनुसार इन सभी धमाकों के पीछे रक्षा मंत्रालय के हथियारों के गोदाम को क्षति पहुंचाना बताया जा रहा है। हालांकि, इन धमाकों के पीछे असली वजह क्या थी और यह कैसे हुए, इसकी आधिकारिक जांच अभी चल रही है और सुरक्षा एजेंसियां कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।
बचाव कार्यों में आ रही है भारी बाधा
अलेप्पो सिविल डिफेंस ऑपरेशंस के प्रमुख फैसल मोहम्मद अली ने मीडिया को जानकारी दी कि लगातार हो रहे शृंखलाबद्ध धमाकों की वजह से दमकल कर्मियों और आपातकालीन बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार हो रहे विस्फोटों के कारण सुरक्षा की दृष्टि से राहत दल तुरंत अंदर नहीं जा सके। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर Human Rights ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार यह धमाके अल-इकार्डा के पास बने गोला-बारूद डिपो में ही हुए हैं और इस संबंध में अभी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
मिसाइल स्टोर करने की छह जगहों पर असर
स्थानीय सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक इन शक्तिशाली धमाकों का दायरा काफी बड़ा था और इसका असर इलाके में मिसाइल स्टोर करने वाली कुल छह जगहों पर पड़ा है। इतने बड़े पैमाने पर हथियारों के डिपो में हुए विस्फोटों से कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन अभी किया जा रहा है। संबंधित अधिकारी और सैन्य दल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह कोई साजिश थी या फिर किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ हादसा।