सीरिया ने यमन में सेना भेजने की बात नकारी, सऊदी के साथ सिर्फ ट्रेनिंग समझौता
सीरियाई राजनयिक स्रोत ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब को सैन्य सहायता देने की खबरों का खंडन किया है।

दमिश्क: एक सीरियाई राजनयिक स्रोत ने उन खबरों का पूरी तरह खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि सीरिया, यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की मदद के लिए अपने सैन्य कर्मियों को भेज रहा है। स्रोत ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में ऐसी किसी भी तैनाती की खबरें पूरी तरह गलत हैं।
सऊदी अरब के साथ उभरते सैन्य सहयोग के बारे में जानकारी देते हुए राजनयिक स्रोत ने बताया कि दोनों देशों के बीच हुआ समझौता मुख्य रूप से सीरियाई सैन्य बलों के प्रशिक्षण और उनकी क्षमताओं को बढ़ाने पर केंद्रित है। इस सहयोग के तहत दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए सैन्य विशेषज्ञता का आदान-प्रदान और परामर्श किया जाएगा।
इस ढांचे के हिस्से के रूप में, सऊदी अरब अगले महीने से सीरिया में समन्वय दौरों (coordination visits) की शुरुआत करने वाला है।
भविष्य की संभावनाओं पर बात करते हुए राजनयिक ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच यह सैन्य सहयोग आगे चलकर एक संयुक्त रक्षा समझौते का रूप ले सकता है या सीरिया 'मक्का गठबंधन' (Mecca Alliance) में शामिल हो सकता है।
फिलहाल सीरिया की प्राथमिकताएं अपनी आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने, पुनर्निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने और आर्थिक सुधार हासिल करने पर केंद्रित हैं।