सीरिया और इसराइल के बीच तनाव जारी, अमरीकी मध्यस्थता से कूटनीतिक समाधान की कोशिश फिर से शुरू

Aanya1 September 20263 min read23 viewsWorld
सीरिया और इसराइल के बीच तनाव जारी, अमरीकी मध्यस्थता से कूटनीतिक समाधान की कोशिश फिर से शुरू

सीरिया के विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani ने 1 सितंबर 2026 को कहा कि उनका देश इसराइल के साथ अमरीका की मदद से एक शांतिपूर्ण और कूटनीतिक समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बीच, इसराइली सेना की तरफ से सीरिया के कई इलाकों में लगातार एयरस्ट्राइक, जमीनी कार्रवाई और लोगों को हिरासत में लेने की घटनाएं सामने आ रही हैं। आम लोगों और स्थानीय नागरिकों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है, क्योंकि लगातार हो रही सैन्य गतिविधियों से इलाके में तनाव का माहौल कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

इसराइली सेना की गतिविधियां और सीरिया का रुख

एक सितंबर को इसराइली सैन्य बल बख्तरबंद गाड़ियों के साथ सीरिया के दारा प्रान्त के Jamlah गांव में घुस आए, जबकि अल-जाजीरा बैरक के पास तैनात सैनिकों ने मारिया गांव के रिहायशी इलाकों पर गोलियां चलाईं। विदेश मंत्री अल-Shaibani ने जानकारी दी कि सीरियाई अधिकारियों ने इस साल इसराइली सैनिकों द्वारा 147 लोगों को हिरासत में लेने के मामलों को दर्ज किया है, जिनमें से 49 लोग अभी भी उनकी कैद में हैं। सीरियाई सरकार का मुख्य कूटनीतिक उद्देश्य इन सभी हमलों को रोकना, इसराइली सेना को दिसंबर 2024 से पहले वाली जगहों पर वापस भेजना और 1974 के डिसेगमेंट समझौते का पूरी तरह से पालन करवाना है। इसके साथ ही, अल-Shaibani ने जलाल अल-शेख या माउंट हर्मन पर इसराइल के स्थायी सैन्य कब्जे के दावों की कड़ी निंदा की और इसे सीरिया की जमीन पर कब्जा जमाने की एक कोशिश बताया।

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सुरक्षा दावे और कूटनीतिक बैठकें

दूसरी तरफ, इसराइली रक्षा मंत्री Israel Katz ने पिछले हफ्ते कहा था कि इसराइली सेना दक्षिणी सीरिया में अपनी स्थिति बनाए रखेगी ताकि वहां से आने वाले खतरों से निपटा जा सके और देश की सुरक्षा सुरक्षित रहे। दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के हटने के बाद से ही इस इलाके में इसराइली सेना की मौजूदगी काफी बढ़ गई है, जब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा गश्त किए जाने वाले गोलान हाइट्स बफर जोन में अपने सैनिकों को तैनात किया था। तनाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अल-Shaibani ने अगस्त के पहले 18 दिनों में 52 इसराइली घुसपैठ की घटनाएं दर्ज कीं, जबकि जुलाई के महीने में ऐसी 65 घटनाएं सामने आई थीं। हालात को संभालने के लिए पर्दे के पीछे लगातार बातचीत जारी है। पिछले हफ्ते जॉर्डन में मोसाद प्रमुख Roman Gofman और विदेश मंत्री अल-Shaibani के बीच इस मामले को शांत करने को लेकर एक अहम बैठक हुई थी। इससे पहले 23 अगस्त को भी सीरिया और इसराइल के प्रतिनिधियों के बीच अमरीका की मध्यस्थता में एक बैठक हुई थी, जिसमें इसराइल और तुर्किये के बीच बढ़ते तनाव का असर सीरिया की जमीन पर न पड़ने देने को लेकर चर्चा की गई थी।

संयुक्त राष्ट्र में सीरिया का पक्ष और डेनमार्क के साथ साझेदारी

बीते 27 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र में सीरिया के स्थायी प्रतिनिधि Ibrahim Olabi ने औपचारिक रूप से इसराइल पर लगातार हवाई हमले करके क्षेत्रीय सुरक्षा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। इससे पहले जुलाई में राष्ट्रपति Ahmad al-Sharaa ने संकेत दिया था कि दमकल एक ऐसे सुरक्षा समझौते की तलाश में है जो व्यापक शांति की ओर ले जाए, हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया था कि सीरिया गोलान हाइट्स पर अपने दावों को कभी नहीं छोड़ेगा। नीति विश्लेषक Lora Karch का मानना है कि सीरिया का संभावित रूप से अब्राहम समझौते में शामिल होना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा लेकिन जटिल कूटनीतिक कदम साबित हो सकता है। इसके अलावा, एक अलग घटनाक्रम में 1 सितंबर को सीरिया और डेनमार्क ने दमिश्क की यात्रा पर आए डेनमार्क के विदेश मंत्री Lars Lokke Rasmussen की मौजूदगी में एक द्विपक्षीय साझेदारी समझौते की घोषणा की। खास बात यह है कि इस बैठक से ठीक एक दिन पहले दमिश्क में डेनमार्क के दूतावास को फिर से खोल दिया गया था।

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