मक्का पैक्ट में शामिल होने की तैयारी में सीरिया, यमन में हूती द्वारा बाल सैनिकों की भर्ती बढ़ी
यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा बच्चों को युद्ध में झोंकने की खबरें आई हैं, वहीं सीरिया मक्का पैक्ट का सदस्य बनने की तैयारी में है।

दमिश्क/साना: सीरियाई विदेश मंत्री ने संकेत दिए हैं कि सीरिया की मक्का पैक्ट की सदस्यता को लेकर फिलहाल बातचीत चल रही है। एक तरफ जहां क्षेत्रीय समीकरण बदल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यमन से मानवाधिकारों के उल्लंघन की गंभीर खबरें सामने आ रही हैं, जहां हूती आंदोलन द्वारा बाल सैनिकों के इस्तेमाल ने चिंता बढ़ा दी है।
अल हुदैदा प्रांत में दक्षिणी जायंट्स ब्रिगेड के फील्ड कमांडरों ने बताया कि उन्होंने 13 से 16 साल की उम्र के दर्जनों, और संभवतः सैकड़ों हूती बाल लड़ाकों को पकड़ा है। यह जानकारी 30 अक्टूबर 2026 को साझा की गई।
ताइज, मारिब और अल-जौफ में सितंबर और अक्टूबर 2026 के दौरान हुई झड़पों में अनुमान है कि 200 से 250 बच्चे मारे गए, पकड़े गए या लापता हो गए। यमन के मानवाधिकार मंत्रालय ने 30 सितंबर को रिपोर्ट दी थी कि केवल सितंबर के महीने में मोर्चों पर तैनात कम से कम 100 बच्चों की मौत हो गई।
इससे पहले 16 जून 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासचिव की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि 2025 के दौरान यमन में 262 बच्चों की भर्ती की गई। इनमें से 127 मामले हूतियों से और 135 मामले यमनी सशस्त्र बलों और उससे जुड़े समूहों से संबंधित थे।
हालांकि हूती अधिकारियों ने अप्रैल 2022 में बाल भर्ती रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र की कार्ययोजना पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी निगरानी बढ़ गई है। 8 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के नेशनल सोसाइटी फॉर ह्यूमन राइट्स ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से दोषियों को जवाबदेह ठहराने और युद्ध में इस्तेमाल किए जा रहे नाबालिगों को रिहा करने की अपील की।
यमन के संयुक्त राष्ट्र स्थायी प्रतिनिधि अब्दुल्ला अली फदेल अल-सादी ने 9 अक्टूबर को सुरक्षा परिषद में सितंबर में हुई मौतों के मुद्दे को उठाया। वहीं 24 सितंबर को यमन की विदेश और प्रवासी मंत्री डॉ. अफ़राह अल-ज़ौबा ने संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि वैनेसा फ्रेजर से मुलाकात की। इस बैठक में स्कूलों और समर कैंपों का इस्तेमाल सैन्य कट्टरपंथ के लिए किए जाने पर चर्चा हुई।