Syria पर इसराइल के लगातार हमलों से जनता का भरोसा हुआ कम, विश्लेषक एसाब बदवी ने दी चेतावनी.

Praggya Singh sabal2 September 20263 min read31 viewsEnglish
Syria पर इसराइल के लगातार हमलों से जनता का भरोसा हुआ कम, विश्लेषक एसाब बदवी ने दी चेतावनी.

सीरिया में इन दिनों हालात ठीक नहीं चल रहे हैं और सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा और अविश्वास धीरे-धीरे बढ़ रहा है। विश्लेषक ईसाब बदवी ने 2 सितंबर 2026 को अल जज़ीरा पर छपे अपने एक लेख में यह साफ कहा है कि सीरियाई सरकार पर से वहां के आम नागरिकों और अरब देशों का भरोसा कम हो रहा है। इसकी मुख्य वजह यह है कि सीरियाई सरकार इसराइल के लगातार हो रहे हमलों और घुसपैठ के खिलाफ चुपचाप बैठी है और कोई कड़ा सैन्य कदम नहीं उठा रही है। लोग इस बात से बहुत नाराज हैं कि सरकार अपनी जमीन को बचाने के लिए खुलकर सामने क्यों नहीं आ रही है और सिर्फ संयम बरत रही है।

इसराइल की लगातार घुसपैठ और सीरियाई विदेश मंत्री का बयान

सीरिया के विदेश मंत्री असाद अल-शाइबानी ने 1 सितंबर 2026 को आंकड़े साझा करते हुए बताया कि देश में इसराइल की तरफ से लगातार उल्लंघन किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, सीरिया ने जुलाई महीने में 65 बार, अगस्त के पहले 18 दिनों में 52 बार और इस साल कुल 147 बार सीरियाई नागरिकों को इसराइली सैनिकों द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटनाएं दर्ज की हैं। मौजूदा समय में करीब 49 सीरियाई नागरिक इसराइली जेलों में कैद हैं। विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि दमिश्क सरकार अभी भी अमेरिका की मध्यस्थता से कूटनीतिक रास्ता अपनाने की कोशिश कर रही है। उनका मकसद 1974 के डिएंगेजमेंट समझौते को फिर से लागू करना और दिसंबर 2024 से पहले वाली स्थिति में इसराइली सेना की वापसी कराना है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

जमीनी स्तर पर बढ़ती सैन्य झड़पें और हमले

मैदान पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 1 सितंबर 2026 को इसराइली सेना ने दाराए के ग्रामीण इलाके के जामला गांव में 10 सैन्य गाड़ियों के साथ घुसपैठ की। इसके अलावा, सीरियाई टीवी चैनल अल-इखबरिया ने बताया कि अल-जज़ीरा बैरकों में मौजूद इसराइली सैनिकों ने मारिया गांव के रिहायशी इलाकों पर गोलियां चलाईं। इससे पहले 30 या 31 अगस्त को कुनेत्राह ग्रामीण इलाके के तरंज गांव में भी ऐसी ही एक घटना रिकॉर्ड की गई थी, जहां इसराइली सैनिकों ने एक निजी घर की तलाशी ली थी। दमिश्क सरकार इन सभी कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन मानती है।

राष्ट्रपति का बयान और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक समर्थन

इतने सारे दबावों के बावजूद, सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा ने 26 जुलाई 2026 को यह दोहराया था कि सीरिया बिना किसी सीधे टकराव के, गोलान हाइट्स पर अपने अधिकारों को छोड़े बिना, शांति समझौता हासिल करना चाहता है। दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीरिया को समर्थन भी मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र में कतर के नेतृत्व वाले 'अरब ग्रुप' ने 27 अगस्त 2026 को सीरिया की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन फिर से जताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इसराइल के इन लगातार उल्लंघनों से क्षेत्रीय शांति के प्रयासों को बड़ा झटका लग रहा है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report और QNA News पर जा सकते हैं। घरेलू मोर्चे पर भी सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने के लिए 'सिविल अफेयर्स' ऐप लॉन्च किया है ताकि भ्रष्टाचार कम हो सके, लेकिन जानकारों का मानना है कि सरकारी संस्थानों की पारदर्शिता और आजादी ही लंबे समय तक जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है।

Share:

Comments

Leave a comment