सीरिया के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में उठाई आवाज़, इस्राइल से Golan Heights खाली करने की मांग

सीरिया के राष्ट्रपति Ahmed al-Sharaa ने इस हफ़्ते न्यूयॉर्क शहर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल करते हुए इस्राइली सेना से सीरियाई क्षेत्र को तुरंत खाली करने की मांग की। राष्ट्रपति ने साफ शब्दों में कहा कि कब्जाया गया गोलान हाइट्स पूरी तरह से सीरिया की अपनी ज़मीन है और इस पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का हवाला देते हुए इस्राइल के कब्ज़े को पूरी तरह से अवैध बताया है।
पुराने समझौते और सीमा रेखा पर वापसी की मांग
राष्ट्रपति al-Sharaa ने साल 1974 की सीमा रेखाओं पर वापस लौटने की मांग की और इसे किसी भी सुरक्षा समझौते के लिए सबसे पहली और ज़रूरी शर्त बताया। उन्होंने खुलासा किया कि इससे पहले हुई बातचीत में सुरक्षा ढांचे को लेकर नब्बे प्रतिशत सहमति बन गई थी, लेकिन इस्राइल ने बीच में नई शर्तें जोड़कर इस पूरी प्रक्रिया को रोक दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2024 में पुरानी सरकार के गिरने के बाद से इस्राइली सेना ने सीरिया के अंदर करीब पांच सौ हवाई और तोप से हमले किए हैं। इसके अलावा बारह सौ से ज्यादा बार जमीनी घुसपैठ की गई और लगभग तीन सौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
राजनयिक रास्ते तलाश रहा सीरिया
इन तमाम तनावों के बावजूद सीरियाई प्रशासन लगातार कूटनीतिक रास्तों पर काम कर रहा है। सीरिया उन देशों से मध्यस्थता की मदद मांग रहा है जिनके संबंध इस्राइल के साथ अच्छे हैं, जैसे कि संयुक्त राज्य अमेरिका। इस पूरी बैठक के दौरान राष्ट्रपति ने यह भी जानकारी दी कि सीरिया में रूस की सैन्य मौजूदगी अब काफी कम हो गई है। रूस के अब केवल दो ही बेस सक्रिय हैं जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से सैन्य ट्रेनिंग के लिए किया जा रहा है। इस महासभा में जॉर्डन के राजा King Abdullah II ने भी सीरिया में हो रही इस्राइली कार्रवाइयों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी दीवान सरकारी पोर्टल पर भी दी गई है।