ताइज़ में हवाई हमले: हूती ठिकानों पर टैंक और दो तोपें नष्ट

ताइज़, यमन: यमन के ताइज़ शहर के पश्चिम में 12 अक्टूबर 2026 को हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर चार हवाई हमले किए गए। सऊदी न्यूज़ (@SaudiNews50) की रिपोर्ट के अनुसार, लड़ाकू विमानों ने मिलात अल-ढबाब इलाके में जमा हूती लड़ाकों और उनके सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन हमलों में एक टैंक और दो तोपें नष्ट हो गईं। ये तोपें 23 मिमी और 106 मिमी कैलिबर की बताई गई हैं। इसके साथ ही हूती पक्ष में मौतों और घायल होने की पुष्टि की गई है, हालांकि स्वतंत्र स्रोतों से इसकी अलग से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सैन्य अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के लड़ाकू विमानों ने ताइज़ प्रांत के कई इलाकों में तीव्र हमले किए। इनमें 60वीं स्ट्रीट, अल-अरसम, अल-मराज़िक़ान, जबल अल-मुनइम, तबत अल-ख़ल्वा और शहर के पूर्व में स्थित एक सैन्य शिविर शामिल हैं। हूती नियंत्रण वाले समाचार माध्यम सबा न्यूज़ एजेंसी ने हय्फ़ान ज़िले की अल-ज़ुर्बी रोड पर भी हमलों की खबर दी है।
'ऑपरेशन डॉन ऑफ़ यमन' और सैन्य दावे
यमन की सरकारी सेनाएं ताइज़ मिलिट्री एक्सिस के ज़रिये 'ऑपरेशन डॉन ऑफ़ यमन' चला रही हैं। इस अभियान का मकसद राजधानी सना को फिर से अपने नियंत्रण में लेना और राज्य संस्थानों को बहाल करना बताया गया है। सेना के प्रवक्ता माजेद अल-नुज़ैली के मुताबिक़ इस अभियान की शुरुआत से गठबंधन ने हूती ठिकानों पर 1,732 सटीक हमले किए हैं। उनका दावा है कि इनमें 900 से अधिक लड़ाके बेअसर हुए और 287 से ज़्यादा सैन्य उपकरण नष्ट या निष्क्रिय किए गए। ये आंकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।
इस बढ़ते तनाव की जड़ में 10 और 11 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हूती हमले बताए जा रहे हैं। इन हमलों में 12 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। सऊदी अरब की ओर से हाल के हमलों को इसी जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
मानवीय स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। 12 अक्टूबर को यमन के राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने अल-तुर्बा में एक आवासीय इमारत पर सऊदी