तइज़ में सरकारी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच भीषण झड़प, कई हूती लड़ाके ढेर
पश्चिमी तइज़ में सरकारी सेना और हूती मिलिशिया के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें कई हूती लड़ाके मारे गए और हवाई हमले किए गए।

तइज़ (यमन): पश्चिमी तइज़ की अग्रिम लाइनों पर 30 अक्टूबर, 2026 को यमनी सरकारी बलों और हूती मिलिशिया के बीच भीषण युद्ध छिड़ गया। इस हिंसक झड़प में यमनी सेना ने हूती हमलों को नाकाम करते हुए उन्हें पीछे खदेड़ दिया।
तइज़ के सैन्य अक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में हूती विद्रोहियों के तीन सैन्य वाहन और एक 14.5 मिमी की भारी मशीन गन तबाह कर दी गई। इस लड़ाई में एक फील्ड कमांडर समेत 38 हूती लड़ाकों के मारे जाने या घायल होने की खबर है।
हूती हमलों के जवाब में यमनी बलों ने प्रांत के भीतर हूती ठिकानों और उनके जमावड़े पर पांच हवाई हमले किए। दूसरी ओर, हूती समर्थित अल-मसिराह चैनल ने दावा किया है कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने पश्चिमी तइज़ के मकबना जिले में संचार नेटवर्क सहित हूती नियंत्रण वाले बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।
तइज़ में जारी संघर्ष के बीच, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने घोषणा की कि उन्होंने 30 अक्टूबर को मक्का क्षेत्र में हूती द्वारा लॉन्च किए गए एक ड्रोन को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया है।
यह सैन्य गतिविधि ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्र में मानवीय स्थिति बेहद गंभीर है। 29 अक्टूबर, 2026 को तइज़ के गवर्नर नबील शम्सान ने बताया कि हूतियों की घेराबंदी के कारण शहर अकाल झेल रहा है।
उसी दिन ह्यूमन राइट्स वॉच ने चेतावनी दी कि तइज़ की यह नाकेबंदी युद्ध अपराध के समान हो सकती है, क्योंकि इसमें भुखमरी को युद्ध के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने घेराबंदी के इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें सऊदी हितों को बढ़ावा देने के लिए गढ़ा गया दावा बताया है।