यमन के तइज़ के पश्चिमी मोर्चों पर सरकारी सेना और हूती मिलिशिया के बीच हिंसक झड़पें तेज हुईं

Nura Basta21 October 20262 min read0 viewsYemen
यमन के तइज़ के पश्चिमी मोर्चों पर सरकारी सेना और हूती मिलिशिया के बीच हिंसक झड़पें तेज हुईं

तइज़: यमन के तइज़ के पश्चिमी मोर्चों पर सरकारी सेना और हूती मिलिशिया के बीच हिंसक झड़पें और तेज हो गई हैं। 21 अक्टूबर 2026 को हुई इन झड़पों से पहले पूरे अक्टूबर महीने में इस इलाके में लगातार सैन्य टकराव जारी था।

इससे पहले 20 अक्टूबर को यमनी सरकारी बलों ने हूती विद्रोहियों द्वारा तीन तरफ से किए गए एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया। यमनी सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजेद अब्दुल्ला अल-नुजाइली ने बताया कि सैन्य अभियानों के जरिए हूतियों की बढ़त को सफलतापूर्वक रोका गया है।

कर्नल अल-नुजाइली के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान सरकारी सेना ने हूती ठिकानों पर 744 हमले किए। यह कार्रवाई 5 अक्टूबर से शुरू हुए 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' का हिस्सा है। इन हमलों में करीब 200 मिलिशिया लड़ाके मारे गए और 90 सैन्य वाहन व उपकरण नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं।

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रिटायर्ड डिप्लोमैट ब्रिगेडियर जनरल अब्दुलइला खदर ने कहा कि हूती शहर को घेरने के लिए भारी संख्या में अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहे हैं। हालांकि, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाई हमलों से मिलिशिया को बड़ा नुकसान हो रहा है।

इस जंग में आम नागरिकों की जान जा रही है। 20 अक्टूबर को तइज़ के एक रिहायशी इलाके में हूती हमले में दो किशोर लड़कियों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने तइज़ की घेराबंदी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि तइज़ को अदन से जोड़ने वाले मुख्य आपूर्ति रास्तों के बंद होने से मानवीय सहायता रुक गई है, जिससे नागरिक गंभीर खतरे में हैं।

यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने पुष्टि की है कि 1 अगस्त से 19 अक्टूबर के बीच तइज़ गवर्नरशिप में 32 नागरिक मारे गए और 115 घायल हुए। 32 गैर सरकारी संगठनों (NGOs) के समूह ने बताया कि लड़ाई के कारण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिससे कुकिंग गैस और जरूरी सामान की भारी किल्लत हो गई है।

बाजार में बुनियादी चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। आटे की कीमत में 50 फीसदी और आलू की कीमतों में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, जून 2026 तक तइज़ गवर्नरशिप में 1,14,708 विस्थापित लोग रह रहे हैं। इलाके में अभी भी सैन्य विमान सक्रिय हैं और संघर्ष जारी है।

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