तइज़ में हूती घेराबंदी का कहर: कुकिंग गैस के लिए लंबी कतारें, हाहाकार मचा

Nura Basta6 October 20262 min read0 viewsYemen
तइज़ में हूती घेराबंदी का कहर: कुकिंग गैस के लिए लंबी कतारें, हाहाकार मचा

यमन के तइज़ शहर में रहने वाले लाखों लोग इन दिनों एक बुनियादी जरूरत के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शहर में कुकिंग गैस के सिलेंडरों की भारी किल्लत हो गई है, जिसके कारण लोग गैस स्टेशनों के बाहर घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। अल-मुधफ्फर जिले के अल-हमदी लिक्विफाइड गैस स्टेशन जैसे केंद्रों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। स्थानीय निवासी शिहाब हज़ा के अनुसार, शहर में इस तरह की किल्लत अब एक आम बात हो गई है, जिससे आम जनता का जीना दूभर हो गया है।

घेराबंदी और मानवीय संकट का गहराता असर

सरकारी सैन्य सूत्रों ने पुष्टि की है कि हूती बलों ने तइज़ शहर की पूरी तरह से घेराबंदी कर रखी है। इस शहर की आबादी 5 लाख से अधिक है, जो अब बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। संकट केवल गैस तक सीमित नहीं है; दक्षिण-पश्चिम में, विशेष रूप से बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य के आसपास तेज हुई लड़ाई ने स्थिति को और बदतर बना दिया है। सड़कों की बंदी, खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों और ईंधन की कमी ने इस मानवीय त्रासदी को और बढ़ा दिया है।

संयुक्त राष्ट्र की माइग्रेशन एजेंसी के मुताबिक, हालिया संघर्षों के कारण अब तक करीब 1,84,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए फ्रांस ने मदद का हाथ बढ़ाया है। फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने घोषणा की कि फ्रांस यमन को अतिरिक्त 3 मिलियन यूरो की सहायता प्रदान करेगा, जिससे 2026 के लिए कुल योगदान 7 मिलियन यूरो से अधिक हो जाएगा।

दूसरी ओर, यमन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जब तक देश को 'आतंकवादी मिलिशिया' से मुक्त नहीं करा लिया जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने हूतियों पर इस्लामी पवित्र स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश का आरोप लगाया है, जिसके बाद 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तहत सऊदी अरब में सैन्य बल तैनात करने पर सहमति बनी है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment