यमन के तैज़ में कचरे और विस्थापन से स्वास्थ्य संकट, अक्टूबर में 5,025 बीमार
यमन के तैज़ शहर में कचरे के ढेर और विस्थापन के कारण स्वास्थ्य संकट गहरा गया है। अक्टूबर में 5,025 लोग बीमार हुए।

तैज़ (यमन): यमन के तैज़ शहर में स्वास्थ्य हालात बेहद खराब हो गए हैं। अक्टूबर 2026 के दौरान यहां बीमारी के 5,025 मामले दर्ज किए गए हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, सड़कों पर जमा कचरा और विस्थापित परिवारों की बढ़ती संख्या इस गंभीर स्वास्थ्य संकट की मुख्य वजह बनी है।
शहर में विस्थापितों की भीड़ तेजी से बढ़ी है। पिछले कुछ हफ्तों में करीब 6,400 परिवार यहां शरण लेने पहुंचे हैं, जिससे शहर में विस्थापित परिवारों की कुल संख्या अब 39,400 हो गई है।
तैज़ प्रांतीय कार्यालय फॉर सीज अफेयर्स ने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कचरा ढोने वाले वाहन निर्धारित डंपिंग साइट्स तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे सफाई सेवाएं ठप हो गई हैं।
शहर को पिछले 11 सालों से उसके मुख्य लैंडफिल तक जाने की अनुमति नहीं मिली है। हालिया सैन्य तनाव ने अस्थायी कचरा निस्तारण केंद्रों तक पहुंच को भी बंद कर दिया है।
गवर्नर नबील शम्सान और स्वास्थ्य मामलों के डिप्टी गवर्नर आयलन अब्देल हक ने हूती बलों पर आरोप लगाया है कि वे सफाई ट्रकों को डंपिंग साइट्स तक पहुंचने से रोक रहे हैं। इस वजह से रिहायशी इलाकों की सड़कों और नालियों में कचरे के ढेर लग गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) और यूनिसेफ जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस स्थिति पर नजर रख रही हैं। इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति एक बड़ी तबाही का रूप ले सकती है।
लगातार जारी संघर्ष के कारण ईंधन की भारी किल्लत हो गई है और मानवीय सहायता पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं। इसका असर यह हुआ कि जरूरी सामानों की कीमतें पांच गुना तक बढ़ गई हैं।
हिंसा का सिलसिला भी जारी है। 5 नवंबर को हायफ़न जिले में हुई गोलाबारी में चार नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे शामिल थे। इस हमले में चार अन्य लोग घायल भी हुए हैं।
स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं से औपचारिक अपील की है। उन्होंने मांग की है कि सफाई वाहनों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित किया जाए और क्षेत्र की गिरती स्वास्थ्य सुविधाओं व बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया जाए।