यमन: तइज़ में हूती गोलाबारी से 17 नागरिक घायल, सात घर क्षतिग्रस्त, एकदम से बाहर निकलने पर रोक

तइज़, यमन: यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने 13 अक्टूबर 2026 को बताया कि हूती बलों ने तइज़ शहर पर गोलाबारी की, जिसमें 17 आम नागरिक घायल हो गए और सात मकानों के ढांचे को नुकसान पहुँचा। यह घटना उस सिलसिले की ताज़ा कड़ी है, जिसने पिछले कुछ हफ़्तों में इस इलाके को फिर से हिंसा की आग में झोंक दिया है।
तइज़ लंबे समय से इस संघर्ष का केंद्रीय मोर्चा बना हुआ है। सरकारी रिपोर्टों और स्थानीय मीडिया के हवाले से जो तस्वीर सामने आ रही है, उसमें रिहायशी इलाकों पर गोलाबारी एक लगातार बने रहने वाले ख़तरे की शक्ल ले चुकी है। आम लोग यह तय नहीं कर पाते कि अगला गोला किस गली में गिरेगा।
इसी महीने की शुरुआत में भी हालात इससे कम गंभीर नहीं थे। 10 अक्टूबर को सरकार ने बताया था कि तइज़ प्रांत के कई इलाकों में हूती तोपखाने के हमलों में कम से कम दो नागरिकों की मौत हुई और 16 लोग घायल हुए। प्रभावित इलाकों में अल-थलातीन स्ट्रीट, अल-ज़नौज और अल-ढबाब के नाम शामिल थे। इससे पहले 6 अक्टूबर को हुई एक घटना में 14 लोगों की जान गई और 38 लोग घायल हुए।
मानवीय संकट और घेराबंदी का दबाव
तइज़ पहले से ही गंभीर मानवीय संकट झेल रहा है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जिसे वे हूती घेराबंदी बताते हैं, उसकी वजह से ज़रूरी दवाइयों और ईंधन की कमी हो गई है। अस्पतालों पर पहले से ही भारी दबाव है, और घायलों के इलाज के लिए संसाधन तेज़ी से कम हो रहे हैं।
इस बीच यमन की राष्ट्रपति परिषद, जिसका नेतृत्व रशाद अल-अलीमी कर रहे हैं, ने हूती आंदोलन के कब्ज़े वाले इलाकों को वापस लेने के लिए सैन्य अभियानों को मंज़ूरी दी है। दक्षिण-पश्चिमी मोर्चे पर हिंसा का यह चक्र फिलहाल थमता नहीं दिख रहा, और तइज़ के आम नागरिक ही सबसे ज़्यादा कीमत चुकाते नज़र आ रहे हैं।