ताइज़ हूती घेराबंदी तेज़; मानवीय संकट की चेतावनी

ताइज़, यमन: यमन की सरकारी कैबिनेट ने हूती विद्रोहियों के सैन्य हमलों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। 10 अक्टूबर 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में कैबिनेट ने कहा कि ताइज़ प्रांत में हूती घेराबंदी अब प्रांत के ज़्यादातर ज़िलों तक फैल चुकी है। सरकार के मुताबिक़ इससे 60 लाख से ज़्यादा नागरिकों की जान, सुरक्षा और रोज़ी-रोटी सीधे खतरे में पड़ गई है।
यह घेराबंदी कोई नई नहीं है। ताइज़ लगभग 12 सालों से इस स्थिति से जूझ रहा है, लेकिन ताज़ा हालात ने हालत और बिगाड़ दिए हैं। 10 अक्टूबर तक हूती बलों ने ताइज़ शहर को लगभग चारों तरफ़ से घेर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने शहर के दक्षिणी इलाक़ों के कुछ अहम हिस्से अपने कब्ज़े में ले लिए हैं और ताइज़ को अस्थायी राजधानी एडन से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण रास्ता भी काट दिया है।
आम नागरिकों पर सीधा असर
यमन के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 10 अक्टूबर को हुई गोलाबारी में कम से कम दो नागरिकों की मौत हुई और 16 लोग घायल हुए। घायलों में तीन बच्चे और छह महिलाएं भी शामिल हैं। इसी बीच मदद पहुँचाना भी बेहद मुश्किल होता जा रहा है। कुछ इलाक़ों में गेहूं के आटे के दाम दो हफ़्ते के भीतर 10 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जो आम परिवारों के लिए बड़ा बोझ है।
सैन्य मोर्चे पर भी टकराव तेज़ है। सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन ने 10 अक्टूबर को बताया कि उसने यमनी सरकारी बलों के समर्थन में हूती ठिकानों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है और 136 स्थानों को निशाना बनाया गया है। वहीं यमनी सेना की 22वीं मेकेनाइज़्ड ब्रिगेड ने अल-शक़ाब इलाक़े में हमला नाकाम करने का दावा किया है, जिसमें 25 से ज़्यादा हूती लड़ाकों के मारे जाने और उनके सैन्य वाहनों के नष्