सऊदी ने तेज किया हवाई हमला, 5 लोगो की मौत और 20 लोग घायल.

तइज़, यमन: यमन के तइज़ इलाके में बीते 24 घंटों के भीतर हूती मिलीशिया पर एक के बाद एक 43 अलग-अलग अपराध और उल्लंघन करने का आरोप लगा है। यमनी नेटवर्क फॉर राइट्स एंड फ्रीडम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इन तइज़ में हूती हमले में पांच आम नागरिकों की जान चली गई, जबकि 17 लोग घायल हुए। रिपोर्ट सरकारी समाचार एजेंसी सबा ने प्रकाशित की है।
सबसे दर्दनाक खबर अल-मिसरख जिले की है, जहां गोलाबारी में पांच साल की अहलाम अब्दुलसलाम की मौत हो गई। वह अपने घर में थी, तभी गोला उसी जगह आ गिरा। रिपोर्ट के अनुसार महिलाएं, बच्चे और बुज़ुर्ग भी इस हिंसा की चपेट में आए।

इलाके में कितनी तबाही हुई
नेटवर्क का कहना है कि इन 24 घंटों में हूती बलों ने रिहायशी इलाकों की ओर 180 से ज्यादा प्रोजेक्टाइल दागे। इनमें मोर्टार, तोपखाने के गोले, कातूशा रॉकेट और टैंक के गोले शामिल थे। नुकसान की सूची लंबी है। सात घर, 12 निजी वाहन, अल-सफ़वा अस्पताल और अल-सईद मस्जिद इस हमले में क्षतिग्रस्त हुए।
नेटवर्क के प्रमुख मोहम्मद अल-उमदा ने कहा कि इन कार्रवाइयों का मकसद समाज के हर वर्ग में डर फैलाना है, खासकर उन लोगों में जो हूती विचारधारा का विरोध करते हैं। उनके मुताबिक इस बढ़ते तनाव ने आम लोगों की तकलीफ को और गहरा कर दिया है।
यह ताजा रिपोर्ट एक लंबे सिलसिले की कड़ी है। नेटवर्क ने 3 से 15 सितंबर के बीच 661 उल्लंघन दर्ज किए थे। सितंबर 2014 से अगस्त 2026 के बीच हूती बलों पर घरों को ढहाने और उनमें बारूदी जाल बिछाने के 1,774 मामले भी दर्ज हैं। हालात को देखते हुए यमनी संसद ने राष्ट्रपति के सामान्य लामबंदी के आदेश को मंजूरी दी है। मानवाधिकार संगठन और अरब लीग ने आम लोगों की सुरक्षा और इलाज व ज़रूरी सामान की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए तत्काल अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हाल के हूती हमलों की निंदा की है। उन्होंने इस समूह के आचरण को खतरनाक और अस्थिरता फैलाने वाला बताया है।